नई दिल्ली. पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद ने ममता बनर्जी के रेल बजट को ‘चूंचूं का मुरब्बा’ कहकर सिरे से खारिज कर दिया है। इसके साथ ही वे पिछले पांच साल में रेल विभाग के संगठन, परिचालन और वित्तीय स्थिति पर श्वेत पत्र लाने की ममता की घोषणा से भी खफा नजर आए। लालू ने कहा कि उन्हें श्वेत पत्र की परवाह नहीं है।
लालू ने पत्रकार वार्ता में कहा कि ममता ने उनकी घोषणाओं को पुन: सदन के पटल पर रखकर साबित कर दिया है कि उनके दिमाग में कोई भी सकारात्मक योजना नहीं है। श्वेत पत्र लाने के मुद्दे पर उखड़े लालू ने दावा किया कि रेल भवन छोड़ने तक ९१,000 करोड़ रुपए का कैश-सरप्लस था। इसे सीएजी, रेलवे कन्वेंशन कमेटी जैसी संस्थाओं ने ऑडिट किया था। उन्होंने कहा, ‘श्वेत-पत्र लाना है तो केवल पांच साल ही क्यों, दस साल का लाएं।’
लालू ने कहा, ‘ममता किसी मनोग्रंथि से पीड़ित हैं। वर्ष २क्क्१ में रेलमंत्री रहते ममता केंद्र सरकार को डिविडेंड भी नहीं चुका पाईं थीं। तब वित्त मंत्रालय के सामने हाथ फैलाना पड़ा था। हमने रेलवे को आत्मनिर्भर बनाया है।’
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