गुवाहाटी. असम में मूसलधार बारिश के चलते बाढ़ ने गंभीर रूप धारण कर लिया है। बाढ़ की तबाही तथा भारी बारिश को देखते हुए पिछले दो दिन में करीब दो लाख लोगों को विस्थापित किया जा चुका है। राज्य सरकार के मुताबिक करीब 350 गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया है। अधिकारियों ने बताया विस्थापितों को भोजन तथा चिकित्सकीय सुविधाएं भी मुहैया कराई जा रही है।
राज्य के राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री भूमिधर बर्मन ने शुक्रवार को बताया कि दो दिनोंे में चार जिलों लखीमपुर, धीमाजी, जोरहाट और नांव के तकरीबन 350 गांवों में बाढ़ का पानी घूस गया है, जिससे करीब दो लाख लोग बेघर हो गए हैं। प्रभावितों को कैम्प में जगह दी जा रही है। गौरतलब है कि वर्ष 2004 में असम में आई बाढ़ में 200 से अधिक लोग मारे गए थे।
नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बर्मन ने कहा कि हम बाढ़ प्रभावित इलाकों के लोगों को खाद्य और चिकित्सकीय सहायता मुहैया करा रहे हैं। असम के खाद्य नियंत्रण मंत्री पृथ्वी माझी ने कहा कि स्थिति गंभीर है। उधर, केंद्रीय जल आयोग की ओर से शुक्रवार को कहा गया कि असम की मुख्य नदी ब्रrापुत्र और इसकी सहयोगी नदियां कम से कम आठ जगहों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।