नई दिल्ली. ज्योतिषी की सलाह का अब असर न होता देख पिछले 12 वर्षे तक कड़ाई से शाकाहार का पालन करने वाले राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने एक बार फिर मांसाहार से नाता जोड़ लिया है। इतना ही नहीं वे अपने नजदीकी मित्रों को भी इसकी दावत पर आमंत्रित करने लगे हैं।
लालू प्रसाद को एक ज्योतिषी ने सलाह दी थी कि मांस-मछली का सेवन छोड़ देने से वह अपनी हर प्रकार राजनीतिक और कानूनी समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। लेकिन अब उन्हें ज्योतिषी की यह सलाह मददगार साबित होती नहीं दिख रही है। इससे आरजेडी सुप्रीमो ने एक बार फिर मांसाहार से नाता जोड़ने का निर्णय लिया है। लालू कहते हैं, ‘मुझे मांसाहार छोड़ने की सलाह दी गई थी, इसलिए मैंने कई वर्र्षो तक मछली भी नहीं खाई।’
लालू की कमजोरी मछली
लालू प्रसाद के नजदीकी लोगों के मुताबिक, मछली उनकी कमजोरी है। मुख्यमंत्री बनने के शुरुआती दिनों में और चारा घोटाले में पद छोड़ने के पहले तक पटना के अणो मार्ग स्थित उनके आवास पर आमतौर पर रोज ही ताजा मछली आती थी। यहां तक कि इसमें कोई दिक्कत न हो इसलिए उन्होंने अपने आवास के पीछे एक तालाब भी खुदवाया था।
चारे घोटाला के बाद मन बदला
कानूनी पचड़े में फंसने के बाद लालू प्रसाद का मांसाहार से मोहभंग हो गया था। हालांकि इसके बाद भी जब कभी उनका मन करता, वह अपने नजदीकी मित्रों के लिए मांसाहार पकाते थे, लेकिन खुद नहीं खाते थे।