भोपाल. जवाहर बाल भवन के स्थापना दिवस के मौके पर यहां के सदस्य बच्चों ने एक से बढ़कर एक रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम की शुरुआत में बच्चों ने हवाइन गिटार और सितार पर राग पूरिया और भटियाली धुन पेश कीं। इसके बाद नृत्य निर्देशिका संघमित्रा बनकर द्वारा तैयार कराया गया कथक नृत्य लड़कियों ने पेश किया। कार्यक्रम की रौनक उस वक्त बढ़ गई जब छोटे-छोटे लड़के-लड़कियों ने ओम शांति ओम के गीत अगर ‘मैं अगर कहूं तुम सा हसीन..’ पर वेस्टर्न डांस किया।
इस गीत को अनिला और एबिन थामस ने पेश किया। काली और सफेद ड्रेस में सजे-संवरे बच्चों ने इस गीत पर मनमोह लेने वाले डांस को पेश किया। इस डांस पर देर तक तालियां बजती रहीं। इसकेबाद बारी थी, लोकप्रिय लोकगीत ‘बाजे रे बाजे ढोल बाजे..’ जिसे सुनकर श्रोता झूम उठे। अपने बच्चों की परफॉर्मेस देखकर अभिभावक खुश नजर आ रहे थे और तालियों के उनका प्रोत्साहन बढ़ा रहे थे।
नई दिल्ली के राष्ट्रीय बाल भवन के संगीत निर्देशक जय केसरवानी के गीत ‘पानी में रंगों से हम है मिले..’ का सामूहिक गायन इस शाम की पांचवीं प्रस्तुति रही। सामूहिक होली गीत ‘तन रंग लो रे मन रंग लो..’ का संगीत निर्देशन निर्मला उपाध्याय ने किया। इस गीत तो डॉ. पुरुषोत्तम चक्रवर्ती ने लिखा है। आदिवासी लोकनृत्य पर भी लड़कियों ने काफी देर तक नृत्य कर दर्शकों की प्रशंसा हासिल की। इस मौके पर जवाहर बाल भवन के संचालक उमाशंकर नगायच, महिला एवं बाल विकास विभाग में संयुक्त संचालक सुरेश सिंह सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।