पुणो. खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (एनडीए) के सेकेंड टर्म के एक कैडेट की गुरुवार को प्रशिक्षण के दौरान मौत हो गई। यह कैडेट भोपाल का रहने वाला था। घटना की कोड ऑफ इन्क्वायरी के आदेश दिए गए हैं। 121 कोर्स (फॉक्सट्रोट स्क्वाड्रन) का कैडेट नीतेश गौर गुरुवार दोपहर को नियमित क्रास कंट्री दौड़ में शामिल था। लेकिन इस कठिन प्रशिक्षण गतिविधि के दौरान वह थकावट के कारण अचानक गिर गया। उसे तुरंत खड़कवासला स्थित सेना अस्पताल ले जाया गया, जहां शाम 5:45 बजे उसकी मौत हो गई।
एनडीए खड़कवासला में दस माह के भीतर इस तरह की यह दूसरी घटना है। पिछले साल सितंबर में डेल्टा स्क्वाड्रन के कैडेट गौरव यादव (17) की विभिन्न अंगों के काम बंद करने के कारण मौत हो गई थी। वह भी एक कठिन प्रशिक्षण कैंप के दौरान थकावट से चूर होकर अचानक गिर पड़ा था।
एनडीए के जनसंपर्क अधिकारी मेजर भागीरथ डे. ने गुरुवार दोपहर की दुखद घटना की पुष्टि करते हुए इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने बताया कि सेना के डाक्टरों की एक विशेष टीम ने नीतेश गौर को बचाने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रही। शव के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। नीतेश के अभिभावक घटना की सूचना मिलने पर शुक्रवार सुबह एकेडमी पहुंच गए।
इस घटना ने एनडीए के कैडेटों के गिरते शारीरिक स्तर को उजागर कर दिया है। ‘डीएनए’ ने 2008 की अपनी एक रिपोर्ट में बताया था कि सर्विस सलेक्शन बोर्ड का इंटरव्यू पास करने वाले एक तिहाई उम्मीदवार मेडिकल रूप से अनफिट पाए गए। उस वक्त एनडीए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने स्वीकार किया था कि पिछले कुछ सालों में कैडेट्स का शारीरिक और मेडिकल स्तर गिरा है।