भोपाल. गांधीनगर में मुंबई की महिला के साथ हुई सामूहिक ज्यादती के मामले में पुलिस की अलग-अलग टीमें देश में कई जगह छापे मार रही है। फिलहाल तीन राज्यों गुजरात, महाराष्ट्र और दिल्ली में पुलिस ने छापामार कार्रवाई की है। छापामार कार्रवाई के दौरान महिला के कथित पति प्रमोद को भी साथ ले जाया जा रहा है। वर्तमान में पुलिस ने मुंबई के नेशनल डांस बार में छापा मारा है। प्रमोद सिंह पुलिस के साथ है और अन्य आरोपियों के संबंध में बारीकी से पूछताछ की जा रही है।
गैंग रेप मामले में पुलिस कार्रवाई के लगभग अंतिम दौर में है। बताया जा रहा है छापों के दौरान पुलिस को कई महत्वपूर्ण सुराग मिल गए हैं लेकिन सारे आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक अन्य दो आरोपी राजेश और संजय रईस हैं और अय्याशी के लिए अक्सर बड़े शहरों के बार में 20 से 25 हजार रुपए खर्च करते रहते थे। वे भोपाल क्यों आए और यहां वारदात क्यों की इसका राज नहीं खुल पाया है। राजेश और संजय के कई बड़े व्यापारियों से भी रिश्ते हैं।
राजेश ने दिए थे एक लाख रुपए
महिला ने पूछताछ में कुबूल किया है कि फर्जी रिपोर्ट लिखवाने के लिए राजेश ने उसे पहले 80 हजार और बाद में 20 हजार, इस तरह कुल 1 लाख रुपए दिए थे। ये राशि उसने किसी बैंक में जमा नहीं की। संभवत: रुपया उसके घर में है। पुलिस को विश्वास है कि जब महिला और प्रमोद का आमना सामना कराया जाएगा तो और भी कई बड़े खुलासे होंगे। आरोपियों के नामों पर भी संदेह: पुलिस को आरोपियों के नामों पर भी संदेह है। सूत्रों की माने तो आरोपियों के नाम राजेश और संजय ही हैं या कुछ और, ये कहना मुश्किल है।
गुजरात का व्यापारी मास्टरमाइंड
सूत्रों के मुताबिक अब तक पुलिस जिस प्रमोद को मास्टरमाइंड और मुख्य आरोपी मान रही थी, वह सिर्फ मोहरा है। पूरे मामले का मुख्य आरोपी गुजरात का एक बड़ा व्यापारी है। व्यापारी अय्याश प्रवृत्ति का है और वह मुंबई के डांस बार आता-जाता था। इसी की तलाश में पुलिस प्रमोद को साथ लेकर कई जगह छापे मार रही है।
पीड़ित महिला से मिलेंगी नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी
मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष जमुनादेवी ने राजधानी में हुए सामूहिक बलात्कार की शिकार महिला से मिलने के लिए पुलिस महानिदेशक एसके राउत एवं पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद को पत्र लिखा है। शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा करते हुए जमुनादेवी ने कहा कि गत माह गांधीनगर क्षेत्र में हुई इस घटना की शिकार मुंबई की पीड़ित महिला से मुलाकात कर वह मामले की सच्चई जानना चाहती है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि पीड़ित महिला के वर्तमान में पुलिस अभिरक्षा में होने के कारण उससे भेंट के लिए उन्होंने पुलिस महानिदेशक एवं एसपी को पत्र लिखा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि पुलिस इस मामले में प्रतिदिन नई- नई कहानियों को सामने ला रही है।
रसीद प्रमोद की लेखनी में
आसाराम बापू आश्रम के संतोष भाई (प्रमोद और महिला से आश्रम में कई बार मिले) का कहना है कि यदि पुलिस ने सही लोगों को पकड़ा है तो हमसे उनकी पहचान करवाए। प्रमोद और महिला तीन दिन तक यहां आए हैं। वे समय से 4.30 बजे यहां आ जाते थे और काफी देर यहां रुकते थे। 17 जून को तो वे करीब 7 बजे यहां से निकले। उस दिन उन्होंने बरगद की परिक्रमा भी की। यदि पति-पत्नी नहीं होते तो इस तरह पूजा क्यों करते। हमें लगा कि वे गुरुजी के पुराने भक्त हैं। प्रमोद ने जो 1100 रुपए का दान दिया उसकी रसीद पर प्रमोद की लेखनी से ही जानकारी भरी है। हर चीज का बारीकी से मिलान होना चाहिए। ऐसा न हो कि बेगुनाहों को सजा हो जाए और गुनाहगार फरार हो जाए।