भोपाल. रेलमंत्री ममता बनर्जी ने भोपाल को दो विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशन के साथ रेलवे का मेडिकल कॉलेज भी दिया है। राजधानी के लोगों की सालों पुरानी मांग को पूरा करते हुए रोजाना अजमेर के लिए ट्रेन चलाने को उन्होंने हरी झंडी दिखाई है। भोपाल से लखनऊ-प्रतापगढ़ के लिए सुपरफास्ट तथा ग्वालियर के लिए इंटरसिटी चलेगी। इनके अलावा पांच नई ट्रेनें भी यहां से गुजरेंगी।
रेल बजट में देश के जिन 50 रेलवे स्टेशनों को विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला बनाने की घोषणा हुई हैं उनमें भोपाल के दोनों स्टेशन (मुख्य व हबीबगंज) शामिल हैं। इससे यात्रियों को आधुनिक संचार सुविधा, ऑटोमेटिक टिकटिंग सहित अन्य आला दर्जे की सुविधाएं मिल सकेंगी। रेलवे ट्रैफिक के सदस्य श्रीप्रकाश ने बताया के भोपाल और हबीबगंज में से एक स्टेशन को हेरिटेज के रूप में तथा दूसरे को आधुनिक मॉडल के रूप में विकसित किया जाएगा।
रेलवे का मेडिकल कॉलेज : भोपाल को रेलवे के मेडिकल कॉलेज के रूप बड़ी सौगात मिली है। वर्तमान में निशातपुरा में रेलवे का अस्पताल है। इसे अपग्रेड किया जाएगा। उसके बाद यहां पर मेडिकल कॉलेज खोला जाएगा।
अजमेर के लिए सीधी ट्रेन : श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अजमेर तक के लिए रोजाना ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। इसको लेकर लंबे समय से लोग मांग कर रहे थे। सप्ताह में एक दिन भोपाल-लखनऊ-प्रतापगढ़ सुपरफास्ट एक्सप्रेस और ग्वालियर के लिए सप्ताह में पांच दिन इंटरसिटी चलाकर भी कई यात्रियों को राहत दी है। दूसरे स्टेशनों के बीच शुरू की गई नई ट्रेनों में से पांच भोपाल से होकर गुजरेंगी।
खान-पान व टिकटिंग
रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाला भोजन इस व्यवस्था के अंतर्गत ऐसा होगा, जो सुस्वाद होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होगा। इसके अलावा टिकटिंग के लिए ऐसी मशीनें रेलवे स्टेशनों पर लगाई जाएंगी, जो स्वचलित होंगी। इनमें क्रेडिट कार्ड आदि का उपयोग कर भी टिकट प्राप्त किया जा सकेगा।
कंप्यूटरीकृत होगी पार्किग व्यवस्था
इसके अंतर्गत हर तरह के वाहनों को अलग-अलग मार्र्गो से रेलवे स्टेशनों के अंदर पहुंचाया जाएगा। इन पार्किग स्थलों पर रखे जाने वाले वाहनों का कंप्यूटरीकृत रिकार्ड भी वाहन स्टैंड पर रखा जाएगा। इस व्यवस्था से वाहनों की स्टैंड से चोरी की वारदातें तो रुकेंगी ही, यात्रियों के वाहनों की सुरक्षा भी पुख्ता होगी।
एस्केलेटर (स्वचलित सीढ़ी) लगेगी
विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशनों में मुख्यतौर पर एस्केलेटर (स्वचलित सीढ़ी) के माध्यम से यात्रियों के चढ़ने-उतरने की व्यवस्था रहती है। देश में इस वक्त नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर यह व्यवस्था है। वर्तमान में हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर स्वचलित सीढ़ियां लगाने का कार्य चल रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था
रेलवे स्टेशनों पर एकीकृत सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। इसके अंतर्गत सभी रेलवे स्टेशनों पर क्लोज सर्किट कैमरे लगाए जाएंगे, जिसका कंट्रोल एक ही स्थान पर होगा। विश्वस्तरीय रेलवे स्टेशनों पर भी इसी तरह की सुरक्षा व्यवस्था होगी पर उसमें अत्याधुनिक संचार साधनों का भी समावेश किया जाएगा।
भोपाल को तीन नई ट्रेनों की सौगात
रेलमंत्री ममता बनर्जी द्वारा शुक्रवार को संसद में पेश किए गए रेल बजट में राजधानीवासियों को भोपाल से अजमेर के लिए ट्रेन मिलने से बरसों पुरानी मुराद पूरी हो गई है। इसके अलावा भोपाल से ग्वालियर के लिए सप्ताह में पांच दिन इंटरसिटी चलाने की मांग भी रेल मंत्रालय ने मान ली है। भोपाल रेल मंडल से गुजरने वाली नई गाड़ियां ठ्ठ मुंबई-वाराणसी सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रतिदिन चलेगी पर भोपाल से नहीं गुजरेगी। यह गाड़ी इटारसी से होकर निकलेगी।
गोरखपुर-मुंबई सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्रतिदिन चलेगी। यह गाड़ी इटारसी से होकर निकलेगी।
निजामुद्दीन-बैंगलुरू वाया काचीगुड़ा राजधानी एक्सप्रेस सप्ताह में तीन दिन चलेगी, यह गाड़ी भोपाल से होकर निकलेगी।
झांसी-छिंदवाड़ा सुपरफास्ट सप्ताह में दो दिन वाया बीना, भोपाल होकर चलेगी। इस गाड़ी के चलने से पंचवैली के अलावा छिंदवाड़ा जाने के लिए भोपाल के यात्रियों को ट्रेन मिल जाएगी।
दुर्ग-जयपुर एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन भोपाल से होकर निकलेगी। इससे राजधानीवासी छत्तीसगढ़ और राजस्थान से सीधेतौर पर जुड़ जाएंगे।
श्री गंगानगर-नांदेड़ एक्सप्रेस सप्ताह में एक दिन वाया दिल्ली, यह गाड़ी भी भोपाल होकर जाएगी तथा सचखंड एक्सप्रेस का कुछ बोझ इस गाड़ी के चलने से कम होगा।
लखनऊ-बैंगलुरू सुपरफास्ट सप्ताह में एक दिन वाया राय बरेली होते हुए भोपाल से होकर निकलेगी। उत्तरप्रदेश व कर्नाटक से भोपाल जुड़ेगा।
गाड़ियों का विस्तार
जबलपुर-भोपाल एक्सप्रेस, जो प्रतिदिन चलती है, अब इंदौर तक बढ़ा दी गई है। इस ट्रेन में आरक्षण कोटा कम हो जाएगा, जिसका सीधेतौर पर भोपालवासियों को नुकसान होगा।
लोकमान्य तिलक टर्मिनस-कानपुर उद्योग नगरी एक्सप्रेस जो सप्ताह में दो दिन चलती है, इस ट्रेन को प्रतापगढ़ बढ़ा दिया गया है। भोपाल से निकलने के कारण वहां जाने वाले यात्री लाभान्वित होंगे।
नागपुर-गया दीक्षाभूमि एक्सप्रेस जो सप्ताह में एक दिन चलती है, को गया के स्थान पर धनबाद तक वाया पारसनाथ तथा नागपुर के स्थान पर कोल्हापुर तक बढ़ा दिया गया है। यह गाड़ी भोपाल से न निकलकर इटारसी से निकलेगी।
मदुरई-जम्मूतवी एक्सप्रेस जो सप्ताह में एक दिन चलती है। इस गाड़ी को तिरूनेलवेली तक बढ़ा दिया गया है। भोपाल से वहां जाने वाले यात्रियों को लाभ मिलेगा।