चंडीगढ़. मेयर कमलेश और निगम कमिश्नर डॉक्टर रोशन संकारिया के बीच पिछले कुछ दिन से चल रहा टकराव खत्म हो गया है। होम सेक्रेटरी रामनिवास ने शुक्रवार को यूटी सेक्रेटेरिएट में मेयर और निगम कमिश्नर के बीच समझौता करा दिया। उन्होंने 18 पार्षदों की मौजूदगी में दोनों के गिले-शिकवे दूर करा दिए।
इसके बाद कई पार्षदों ने कहा कि अब चंद्रमुखी कमेटी की कोई जरूरत नहीं है। इससे पहले मेयर कमलेश की अध्यक्षता में सभी पार्षदों की मीटिंग हुई, जिसमें निगम कमिश्नर के साथ चल रहे टकराव को खत्म करने पर चर्चा हुई। इसमें पार्षदों ने कहा कि उनके डेवलपमेंट एजेंडे नहीं रुकने चाहिए।
उधर, होम सेक्रेटरी ने निगम कमिश्नर को सेक्टर-9 सेक्रेटेरिएट बुलाकर उन्हें लोकतंत्र के तहत काम करने के लिए मना लिया। उन्होंने कहा कि कुछ काम एक्ट से हटकर भी करने पड़ते हैं। लिहाजा पिछले सालों की तरह मेयर और निगम कमिश्नर के रिश्ते बरकरार रहें। इस पर निगम कमिश्नर ने उनकी बात मान ली।
इस पर भी सहमति हुई कि पार्षदों की विकास योजनाओं को हाउस में रखने से नहीं रोका जाएगा। निगम सेक्रेटरी सभी डेवलपमेंट एजेंडा को हाउस में रखेंगे। जिन्हें पास करना या न करना हाउस का काम होगा। निगम कमिश्नर से बातचीत के बाद होम सेक्रेटरी ने मेयर और पार्षदों को अपने ऑफिस बुलाकर आश्वासन दिया कि पिछले मेयरों की तर्ज पर मौजूदा मेयर को भी कमिश्नर का पूरा सहयोग मिलेगा।
इस आश्वासन के बाद मेयर और पार्षद पैचअप के लिए तैयार हो गए। इस पर होम सेक्रेटरी ने वहां निगम कमिश्नर को फिर से बुलाया और पार्षदों के सामने मेयर के साथ समझौता करा दिया। निगम कमिश्नर ने कहा कि पिछले मेयर प्रदीप छाबड़ा को उन्होंने हर विकास कार्य में पूरा सहयोग दिया था, अब भी उनका ऐसा ही प्रयास रहेगा।
चंद्रमुखी कमेटी से घबराए कई पार्षद
होम सेक्रेटरी के सम्मुख कई पार्षदों ने कहा कि अब मेयर और निगम कमिश्नर में समझौता हो गया है तो चंद्रमुखी कमेटी की जरूरत नहीं है। उसे भंग कर दिया जाए। इस पर होम सेक्रेटरी ने कहा कि कमेटी नोटिफाई हो चुकी है उसे भंग करने के लिए दोबारा नोटिफिकेशन करनी पड़ेगी।
हर महीने होगी रिव्यू मीटिंग
होम सेक्रेटरी ने मेयर व पार्षदों को शहर के विकास कार्र्यो में तेजी लाने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से कई योजनाएं रुकने के कारण जवाहर लाल नेहरू नेशनल अर्बन रिन्युअल मिशन के तहत 200 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का प्रस्ताव लंबित चल रहा है। इसलिए जेएनएनयूआरएम के रिफॉर्म लागू करने के लिए इसी माह निगम की मीटिंग बुलाकर प्रस्ताव पास किया जाए। वहीं डेवलपमेंट को लेकर हर महीने रिव्यू मीटिंग होनी चाहिए, इसमें मेयर, पार्षद और निगम कमिश्नर भी शामिल रहेंगे।