इंदौर. तमाम शंका-कुशंकाओं के बीच आखिरकार केंद्रीय रेलमंत्री ममता बनर्जी की एक्सप्रेस ट्रेन इंदौर स्टेशन पर बिना रुके ही आगे बढ़ गई। उन्होंने इंदौर के लिए एक भी नई ट्रेन देने की जरूरत नहीं समझी। इंदौर-मुंबई के बीच सुपरफास्ट वातानुकूलित ट्रेन, इंदौर-अजमेर ट्रेन व इंदौर से हैदराबाद होते हुए बेंगलुरू ट्रेन जैसी जायज मांगों पर भी रेलमंत्री ने मुंह फेर लिया।
उन्होंने इंदौर से संबद्ध किसी ट्रेन के फेरे बढ़ाने की घोषणा भी नहीं की। पुरानी घोषणा को नया कर दिया-रेलमंत्री ने जबलपुर-भोपाल ओवरनाइट एक्सप्रेस को लक्ष्मीबाईनगर के बजाय इंदौर तक विस्तारित करने का औपचारिक ऐलान किया।
क्या मिला मालवा-निमाड़ कोमल्टीफंक्शनल कॉम्प्लेक्स
इंदौर और उज्जैन में
फायदा- यहां खरीदारी, भोजन के स्टाल-रेस्त्रां, बुक स्टाल, पीसीओ, एसटीडी, फैक्स बूथ, दवाइयां, वैरायटी स्टोर, बजट होटल और भूमिगत पार्किग जैसी सुविधाएं मिलेंगी।
जबलपुर-भोपाल एक्सप्रेस इंदौर तक
फायदा- यह इंदौर-भोपाल सफर करने वालों के लिए फायदेमंद है। शाम को इंदौर से चलकर हर रोज रात को भोपाल पहुंचेगी।
दुर्ग-जयपुर एक्सप्रेस उज्जैन-नागदा होकर
बजट में दुर्ग-जयपुर के बीच साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन शुरू करने की घोषणा। यह उज्जैन-नागदा होकर जाएगी।
अजमेर-भोपाल एक्सप्रेस रतलाम उज्जैन होकरअजमेर-भोपाल के बीच नई ट्रेन शुरू करने की बात कही गई है जो रतलाम-उज्जैन होकर जाएगी। यह अजमेर-रतलाम और रतलाम-भोपाल एक्सप्रेस के एकीकरण पर संचालित होगी।
धरे रह गए सारे प्रयास..
तमाम कवायद के बाद शहर को कोई नई ट्रेन नहीं मिलने से लोगों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। रेल किराया नहीं बढ़ाने और तत्काल सुविधा में सुधार को लेकर लोग जरूर सकारात्मक हैं लेकिन इंदौर को सुविधा नहीं मिलने से काफी निराश भी हैं। एक सांसद व नौ विधायकों वाला जिला होने के बावजूद इंदौर की अवहेलना जारी है। प्रयास भले ही सैकड़ों हों लेकिन सभी धरे के धरे रह गए। जनप्रतिनिधि इंदौर-बेंगलुरु ट्रेन शुरू करवाने की पुरानी घोषणा पर अमल नहीं करवा सका। पहले से चल रही रतलाम-अजमेर ट्रेन को इंदौर तक बढ़ाने की मांग लंबे समय से हो रही थी लेकिन रेलमंत्री ने रतलाम-अजमेर और भोपाल-रतलाम ट्रेन को जोड़कर भोपाल-अजमेर ट्रेन चलाने की घोषणा कर दी।
रेलमंत्री ने चोरल-मुख्तयारा बलवाड़ा रेल लाइन को हैरिटेज रेलमार्ग के रूप में सुरक्षित रखने पर भी गौर नहीं किया। रतलाम-खंडवा-अकोला ब्रॉडगेज लाइन शुरू होने के बाद वादियों से भरपूर इस ट्रैक को बंद करने की योजना है।
इंदौर के लिहाज से बेहद निराशाजनक
रेलवे मामलों के जानकार नागेश नामजोशी का कहना है ममता बनर्जी का रेल बजट मध्यप्रदेश के अलावा इंदौर के लिए भी बेहद निराशाजनक है। इंदौर-मुंबई के साथ भोपाल-मुंबई ट्रेन की भी जरूरत थी लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। इंदौर से बेंगलुरु और अजमेर ट्रेन की मांग पूरी नहीं हुई। पुणो, पटना और हावड़ा एक्सप्रेस के फेरे बढ़ाना जरूरी था। सुश्री बनर्जी ने इंदौर के मामले में पुराने रेलमंत्रियों की परंपराओं का निर्वाह ही किया है। किराया नहीं बढ़ाना, तत्काल की समय सीमा और चार्ज कम करना जरूर रेल यात्रियों के लिए अच्छे कदम कहे जा सकते हैं लेकिन सुविधाओं के नाम पर आम आदमी के लिए कुछ नहीं है।
ममता से रीता रहा मालवा
भाजपा ने कहा रेल बजट में ममता की ममता से मालवा रीता रहा। सांसद सुमित्रा महाजन ने कहा इंदौर-मुंबई वातानुकूलित सुपरफास्ट ट्रेन की मांग को अनदेखा किया गया है। भाजपा के प्रदेश मंत्री बाबूसिंह रघुवंशी ने कहा बजट में मालवा और मध्यप्रदेश की घोर उपेक्षा की गई है। विधायक महेंद्र हार्डिया, सुदर्शन गुप्ता, रमेश मेंदोला, मालिनी गौड़, जीतू जिराती ने कहा इंदौर से संबद्ध योजनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया है।
कांग्रेस ने कहा ममता ने दिखाई ममता
शहर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रमोद टंडन ने कहा रेल बजट में रेलमंत्री ने गरीबों के लिए सुविधाएं देकर ममता दिखाई है। इसमें सभी वर्गो का ध्यान रखा गया है। ऐसा करके उन्होंने यूपीए सरकार के घोषणा पत्र पर अमल करने की शुरुआत की है।