Chandigarh
चंडीगढ़ को ममता के कई सौगात
भास्कर न्यूज Saturday, July 04, 2009 04:05 [IST]  

railwayचंडीगढ़. रेल मंत्री ममता ने भी इस बार चंडीगढ़ को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा कर दी है। मजेदार बात यह है कि यह कोई नई घोषणा नहीं है। इससे पहले वर्ष 2007 और 2008 में चंडीगढ़ को वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा की जा चुकी है।

2007 में वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनाने की घोषणा के बाद चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन में कुछ एटीएम और टच स्क्रीन लगा दिए गए। उसके बाद वर्ष 2008 में रेलवे ने फिर वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन का राग अलापना शुरू किया। इसके बाद रेलवे स्टेशन के फ्रंट एरिया को नया लुक दे दिया गया और सुरक्षा के मद्देनजर रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए।

अंबाला मंडल के डीआरएम एचके जग्गी का कहना है कि साधारण रेलवे स्टेशन और वर्ल्ड क्लास में उतना फर्क है जितना एक साधारण होटल की लॉबी और फाइव स्टार होटल की लॉबी में होता है। जग्गी के अनुसार बजट में वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन की घोषणा तो हो गई है, लेकिन अभी उनके पास इसका कॉन्सेप्ट प्लान नहीं आया है।

पिछले दो वर्ष से हो रही घोषणा पर उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। जग्गी के अनुसार वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन के लिए पूरा स्टेशन परिसर एसी बनाया जाता है। स्टेशन पर होटल, मल्टीप्लेक्स, शॉपिंग कॉम्पलेक्स आदि आधुनिक सुविधाएं होती हैं। एस्केलेटर्स लगाए जाते हैं। स्टेशन के मेन गेट पर भीड़ कम करने के लिए यात्रियों को प्लेटफार्म से बाहर लाने के लिए एस्केलेटर लगाए जाते हैं।

स्टेशन परिसर में जाने के लिए अलग रास्ता होता है। वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन पर वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट के बराबर सुविधाएं मुहैया कराई जाती हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक यह भी तय नहीं कि इसे कोई बाहर की कंपनी करेगी या देश की ही किसी कंपनी।

यह अखरता है

चंडीगढ़ का जिक्र आते ही पेरिस और सिंगापुर का नाम भी जुड़ जाता है। चंडीगढ़ के क्रिएटर ली काबरूजिए पेरिस से वास्ता रखते थे, तो बीते कुछ वर्षो से चंडीगढ़ के अफसर इसे सिंगापुर की तर्ज पर डेवलप करने की कोशिश में हैं। इसके लिए कुछ सिंगापुर और ब्रसल्स भी हो आए।

भास्कर ने चंडीगढ़ के उन बाशिंदों से बात की जो दुनिया के कई रेलवे स्टेशन देख चुके हैं। इनका मानना है कि चंडीगढ़ जैसे रेलवे स्टेशन पर साफ-सफाई, जरूरी सूचनाएं, रेल के आने-जाने की जानकारी, शहर और आसपास के पर्यटन केन्द्रों की जानकारी, टैक्सी सर्विस, पार्किग, प्री-पेड सर्विस जैसी सुविधाएं का न होना या ठीक से काम न करना अखरता है। सिक्योरिटी, एक से दूसरे प्लेटफॉर्म तक सामान पहुंचाना भी किसी मुसीबत से कम नहीं।

चंडीगढ़-सढोरा-यमुनानगर रेलमार्ग के सर्वे को हरी झंडी

इस बजट में पिछले पांच वर्ष से लंबित चंडीगढ़-बरवाला-नारायणगढ़- सढौरा- बिलासपुर- यमुनानगर के बीच नए रेल मार्ग को बनाने के लिए सर्वे को हरी झंडी दे दी गई है। इस रेलमार्ग से चंडीगढ़ से यमुनानगर के करीब 40 किलोमीटर का सफर कम हो जाएगा।

अंबाला मंडल के डीआरएम एचके जग्गी ने बताया कि वर्ष 2004 में पांच साल पहले सर्वे की घोषणा की गई थी, लेकिन तब सर्वे नहीं हुआ था। यह रेलमार्ग बनने से चंडीगढ़-अंबाला रेलमार्ग से यमुनानगर, सहारनपुर को जाने वाली ट्रेनें डायवर्ट हो जाएंगी और चंडीगढ़ के वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनने के बाद यहां पर गाड़ियों की संख्या बढ़ाई जा सकेगी।

चंडीगढ़-बद्दी रेलमार्ग के लिए मिले मात्र 1.91 करोड़

पिछले चार वर्षो से लटके चंडीगढ़-बद्दी रेललाइन के लिए बजट में इस साल 1.९१ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। कछुआ चाल चल रही 328.14 करोड़ रुपये लागत वाली इस परियोजना पर अब तक केवल 16.5 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। दिक्कत यह है कि चंडीगढ़ में जहां से यह ट्रैक निकलना है वहां पाश्र्वनाथ का हाउसिंग प्रोजेक्ट आता है। ट्रैक को पिंजौर से ही जोड़ा जा सकता है। क्या मिला रेल बजट से

वल्र्ड क्लास रेलवे स्टेशन बनेगा

चंडीगढ़-डिब्रूगढ़ स्पेशल ट्रेन नियमित

शताब्दी एक्सप्रेस में मनोरंजन के साधनों और संचार साधनों की सुविधा

चंडीगढ़-यमुनानगर नए ट्रैक का सर्वे

चंडीगढ़-बद्दी रेलमार्ग के लिए 1.91 करोड़

क्या नहीं मिला ममता से

मेट्रो का कहीं जिक्र तक नहीं

देहरादून, गोवा, मुंबई और दक्षिण भारत के लिए नहीं मिली अतिरिक्त रेलगाड़ी

दिन में एक और शताब्दी की मांग रही अधूरी

धार्मिक स्थानों से नहीं जुड़ सका शहर

चंडीगढ़-अंबाला डबल ट्रैक को लेकर इस बार भी कोई घोषणा नहीं

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