जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज में शुक्रवार को एलएलएम पार्ट-2 की परीक्षा में गलत पेपर बांटने के बाद 22 स्टूडेंट्स को सवा घंटे तक जबरन रोके रखा गया। बाद में कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा निरस्त करने की घोषणा की, जिसके बाद स्टूडेंट्स को जाने दिया गया। कॉलेज से बाहर निकलते ही कई छात्राएं रो पड़ीं।
दोपहर 3 बजे एलएलएम पार्ट-2 का आईपीसी का पेपर था, लेकिन उसकी जगह लॉ ऑफ टोर्ट का पेपर आ गया। स्टूडेंट्स ने इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को दी, जिसके बाद कॉलेज प्रशासन ने मामले को दबाने के लिए तुरंत पेपर वापस लिया और स्टूडेंट्स को कमरे में चुपचाप बैठने के निर्देश दिए और कॉलेज का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। करीब चार बजे आईपीसी का हाथ से लिखे हुए पेपर की कॉपी दी गई। स्टूडेंट्स से कहा गया कि यह आईपीसी का नया पेपर है, इसके जवाब उत्तर पुस्तिका पर लिखें। एक घंटे से परेशान बैठे स्टूडें्टस ने विरोध किया और दबाव में परीक्षा देने से मना कर दिया। सवा चार बजे सभी को छोड़ा गया और चेतावनी दी गई कि इसका विरोध न करें।
अधिकतर छात्राएं जब कॉलेज से बाहर निकलीं तो उनकी आंखों में आंसू थे। एक छात्रा भास्कर संवाददाता से बोली कि हम कुछ बोलेंगे तो फेल हो जाएंगे। बाकी में से भी कोई नहीं बोला, हालांकि एक छात्र ने नाम नहीं छापने की शर्त पर पूरे प्रकरण की जानकारी दी। प्रभावित स्टूडेंट्स ने छात्र नेताओं की मदद लेने से भी इनकार कर दिया।