Raipur
6 बच्चे 8 शिक्षक, स्कूल बंद
Bhaskar Correspondent Saturday, July 04, 2009 07:12 [IST]  

schoolरायपुर. श्यामनगर हाई स्कूल शासन ने बंद कर दिया है। स्कूल के प्राचार्य सहित पूरे स्टाफ को पूर्व माध्यमिक शाला लालपुर में शिफ्ट किया गया है। यह स्कूल नगर निगम द्वारा संचालित सरदार प्रीतम सिंह सैनी हायर सेकेंडरी शाला की बिल्डिंग में पिछले साल शिक्षा विभाग ने खोला था। पूरे सत्र में केवल छह बच्चों ने दाखिला लिया। 8 शिक्षक सहित पूरा अमला पूरे साल इतने ही बच्चों को पढ़ाने में व्यस्त रहा। शालाओं की लगातार निगरानी का दावा करने वाले विभाग के आला अफसर भी इस मजे की नौकरी से बेखबर थे।

इस साल नतीजे घोषित होने के बाद अधिकारियों को इसका पता चला। अधिकारी खुद हैरान रह गए कि एक तरफ शिक्षकों की जबरदस्त कमी है और दूसरी ओर यहां इतने शिक्षक व्यर्थ में समय काट रहे हैं। उसके बाद उच्च स्तर पर हल्ला मचा और स्कूल बंद करने का निर्णय लिया गया। स्कूल के प्राचार्य सहित पूरे स्टाफ को ट्रांसफर कर यहां लाया गया था। इस वजह से पूरे स्टाफ को कहीं शिफ्ट करने की समस्या था।

परीक्षण करने के बाद लालपुर पूर्व माध्यमिक शाला को इसी स्टाफ के जरिये हायर सेकेंडरी स्कूल के रूप में उन्नत करने का निर्णय लिया गया। 29 जून को स्कूल बंद करने और लालपुर में शिफ्ट करने के आदेश जारी किए गए। 1 जुलाई से लालपुर में हायर सेकेंडरी स्कूल अस्तित्व में आना था। शुक्रवार तक स्कूल का पूरा स्टाफ श्यामनगर में ही डटा था। इस वजह से वहां हायर सेकेंडरी स्कूल नहीं खुला। बताते हैं कि स्कूल का स्टाफ शासन के आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं था। विद्यार्थियों की टीसी अभी तक नहीं दी गई थी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद शुक्रवार को टीसी बांटी गई।

इसलिए बिगड़ा गणित : श्यामनगर में जिस बिल्डिंग पर शिक्षा विभाग ने हायर सेकेंडरी स्कूल खोला था, वहां पहले से नगर निगम 12वीं तक की कक्षाएं संचालित कर रहा है। इस बिल्डिंग में शिक्षा विभाग की मिडिल स्कूल है। अफसरों ने इसी को उन्नत करते हुए हायर सेकेंडरी स्कूल खोला था। अफसरों के इस गलत फैसले से ही पूरा सिस्टम गड़बड़ाया।

बताते हैं कि 1981 से यहां शिक्षा विभाग के मिडिल स्कूल से पढ़कर निकलने वाले बच्चों को निगम के हायर सेकेंडरी स्कूल में दाखिला दिया जाता रहा है। पिछले सत्र के नवंबर महीने में एकाएक शिक्षा विभाग ने अपना स्कूल खोल दिया। उस समय आठवीं पूरक परीक्षा का रिजल्ट नहीं आया था। सप्लीमेंट्री में छह बच्चे पास हुए थे। उन्हीं बच्चों को दाखिला देकर सत्र चलाया गया।

सभी जिलों से मांगी जानकारी : जानकारों ने बताया कि शिक्षा विभाग ने इस तरह के स्कूलों की तलाश शुरू कर दी है। राज्य के सभी जिलों से रिकार्ड मंगवाया गया है। जिला शिक्षा अधिकारियों से ऐसे स्कूलों की सूची के साथ इसका विकल्प भी मांगा गया है। बताते हैं कि रायपुर शहर में ही ऐसे कुछ और भी स्कूल हैं। उनका रिकार्ड उपलब्ध न होने के कारण फैसला नहीं लिया गया।

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