शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन की चर्चा उनकी अभिनय प्रतिभा से ज्यादा कंगना राणावत के बॉयफ्रेंड के रूप में होती रही। संभवत: यही वजह है कि उन्होंने काम पर ध्यान देने के लिए कंगना से अलग हो जाने का फैसला किया। निजी जीवन में इस उलटफेर के बाद उनकी पहली सोलो फिल्म ‘जश्न’ आ रही है, जिसे वह अपने कॅरियर के लिए निर्णायक फिल्म मान रहे हैं।
पहले ‘हाल-ए-दिल’ और फिर ‘राज 2’ प्रदर्शित हुई। अब ‘जश्न’ के साथ आप बतौर सोलो हीरो दर्शकों के समक्ष होंगे। इस लिहाज से यह फिल्म आपके लिए काफी महत्वपूर्ण हो गई होगी?
यह फिल्म मेरे लिए काफी महत्व रखती है। एक अभिनेता के रूप में इस पर मेरा भविष्य टिका हुआ है। अपनी पहले की फिल्मों में या तो मेरी पांच मिनट की भूमिका रही है या फिर इमरान हाशमी के साथ कुशन की तरह प्रस्तुत हुआ हूं।
इस लिहाज से यह फिल्म मेरे कॅरियर का फैसला करेगी। मैं स्वयं को भाग्यशाली मानता हूं कि महज दो फिल्मों के बाद ही मुझे सोलो हीरो प्रस्तुत होने का चांस मिल गया, वह भी भट्ट कैंप की फिल्म में। अपनी अभिनय क्षमता सिद्ध करने के लिए इससे अच्छा मौका और नहीं मिलेगा। इस फिल्म को करते हुए मुझे बहुत त्याग करने पड़े हैं।
इसी फिल्म के दौरान आप और कंगना अलग हो गए!
इस फिल्म की शूटिंग के दौरान मैं बहुत उतार-चढ़ाव से गुजरा हूं। निजी स्तर पर कंगना से अलगाव जिंदगी का कठिन दौर था। अगर प्रोफेशनल लिहाज से देखें तो यह बेहद महत्वपूर्ण दौर रहा। मेरी फिल्मों के गीत लोकप्रियता के पायदान चढ़ रहे थे और मैं पूरी तरह से काम पर ही ध्यान देना चाहता था, लेकिन कंगना की वजह से मैं इस ओर ध्यान नहीं दे रहा था।
अपने आसपास उनकी उपस्थिति मात्र से मेरा ध्यान भंग होने लगता था। मुझे लगा कि मेरी प्राथमिकताएं आपस में गड्डमड्ड हो रही हैं। यह तब था, जब कंगना काम के प्रति समर्पण को पहली वरीयता देती थीं। ऐसे में मैंने उससे बात करना मुनासिब समझा और परस्पर रजामंदी से हम अलग हो गए हैं, क्योंकि प्यार तो इंतजार कर सकता है, लेकिन कॅरियर नहीं।
फिर भी दिल तो टूटा ही होगा, जिससे तकलीफ भी हुई होगी?
जब दो परिपक्व लोग आपसी निर्णय से अलग-अलग रास्ते चुनते हैं, तो दिल नहीं टूटा करते। एक-दूसरे के प्रति हमारे मन में कोई दुर्भावना नहीं है। हमने साथ-साथ रहते हुए एक अच्छा वक्त बिताया है, लेकिन परिस्थितियां बदल गईं और मुझे लगने लगा कि पहले अपनी पहचान बनानी चाहिए।
मैं किसी के बॉयफ्रेंड के तौर पर अपनी पहचान नहीं बनाना चाहता था। मैं शेखर सुमन का बेटा हूं, जिस पर मुझे गर्व है। अब मैं इस इंडस्ट्री में अध्ययन सुमन के नाम को ब्रांड के तौर पर स्थापित करने की दिशा में प्रयास कर रहा हूं। उम्मीद है कि इसमें सफल भी रहूंगा।