इस्लामाबाद/लाहौर। मुंबई हमला मामले की साजिश रचने के आरोपी जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज मोहम्मद सईद की नजरबंदी से रिहाई के फैसले के खिलाफ पाकिस्तानी प्रशासन ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की। इसमें कहा गया है कि सईद के संगठन के आतंकी संगठनों से संबद्ध होने के पर्याप्त सबूत हैं।
सईद मुंबई हमला मामले की साजिश रचने के आरोप में भारत में वांछित है।पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के गृह विभाग द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील में सईद और उसके खास सहयोगी कर्नल (रिटायर्ड) नजीर अहमद को नजरबंदी से रिहा करने के लाहौर हाईकोर्ट के दो जून के फैसले को चुनौती दी गई है।
अपील में कहा गया है कि सईद और नजीर को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा जमात-उद-दावा को आतंकी संगठन घोषित करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। सरकार के पास जमात के आतंकी संगठनों से संबंध होने के सबूत हैं।
कानून व्यवस्था को खतरा : पंजाब सरकार ने सईद और नजीर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। उसका कहना है कि इन दोनों के आजाद घूमने से कानून व्यवस्था को खतरा हो सकता है।
सार्वजनिक किए जाएं सबूत: पाकिस्तानी पंजाब प्रांत के विधि मंत्री राणा सनाउल्लाह ने कहा ‘हमें उम्मीद है कि संघीय सरकार जमात नेताओं के खिलाफ हमें पूरे सबूत उपलब्ध कराएगी। संघीय सरकार भी अगले कुछ दिनों में ऐसी ही अपील दायर करने जा रही है।’ उन्होंने कहा कि सईद और जमात के खिलाफ कोर्ट में सबूत पेश किए जाने के समय इन्हें सार्वजनिक भी किया जाना चाहिए, इससे सरकार का पक्ष मजबूत होगा।
लश्करे तैयबा के भी संस्थापक सईद को छह माह तक घर में नजरबंद रखे जाने के बाद लाहौर हाईकोर्ट के फैसले के मद्देनजर पिछले माह रिहा कर दिया गया था। कोर्ट काकहना था कि पाक सरकार ने उसके मुंबई हमले से संबद्ध होने के संबंध में कोई सबूत पेश नहीं किया।
मिस्त्र में मिलेंगे मनमोहन-गिलानी
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने उम्मीद जताई है कि मिस्र में इसी माह आयोजित गुटनिरपेक्ष देशों के सम्मेलन के इतर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ होने वाली उनकी बैठक सकारात्मक रहेगी। इस बीच, पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह मेहमूद कुरैशी ने मुल्तान में फिर ‘कश्मीर राग’ अलापते हुए कहा है कि इस मुद्दे के हल के बिना क्षेत्र में शांति पर चर्चा नहीं हो सकती।
शुक्रवार को पत्रकारों से चर्चा के दौरान गिलानी ने कहा कि मनमोहन सिंह के साथ उनकी मुलाकात दोनों देशों के आपसी संबंध मजबूत बनाने का शानदार मौका होगी। उन्होंने कहा कि पाक, भारत और अफगानिस्तान सहित अपने सभी पड़ोसी देशों से दोस्ताना संबंध चाहता है। गुट निरपेक्ष देशों का सम्मेलन 11 से 16 जुलाई तक है।
ड्रोन हमले में 10 आतंकियों की मौत
पाकिस्तान के दक्षिण वजीरिस्तान क्षेत्र में अमेरिकी ड्रोन विमानों द्वारा दागी गई मिसाइलों में 10 आतंकियों की मौत हुई है। अधिकारियों के मुताबिक पाकिस्तानी तालिबान और अल कायदा के नियंत्रण वाले अफगानिस्तान सीमा से लगे क्षेत्र में तीन मिसाइल दागी र्गई। इससे 10 आतंकी मारे गए हैं जबकि सात घायल हुए हैं।
मिसाइलों ने मुफ्ती नूर वली के कार्यालय को भी खासा नुकसान पहुंचाया है। वली पहले आत्मघाती हमलों के लिए आतंकियों को प्रशिक्षण देने के मिशन का प्रभारी था।
तालिबान, अल कायदा को खतरा मानते हैं 80 फीसदी पाकिस्तानी
वॉशिंगटन. पाकिस्तान के लोग अब आतंकवाद की मुखालफत में खुलकर सामने आने लगे हैं। अमेरिका की एक संस्था द्वारा हाल ही में कराए गए सर्वेक्षण में 80 फीसदी से अधिक पाकिस्तानियों ने तालिबान और अल कायदा को देश के लिए बड़ा खतरा मानते हुए स्वात घाटी में सेना के अभियान का समर्थन किया है।
अमेरिका स्थित वल्र्ड पब्लिक ओपिनियन (डब्ल्यूपीओ) की गुरुवार को जारी सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 81 फीसदी पाकिस्तानी अब तालिबान और अल कायदा को देश के लिए खतरा मानने लगे हैं। करीब 18 माह पहले की तुलना में यह बदलाव काफी बड़ा है। सितंबर 2007 में कराए गए इसी तरह के सर्वेक्षण में केवल 34 फीसदी लोगों ने इन संगठनों को खतरा माना था।
डब्ल्यूपीओ के लिए इस्लामाबाद के सोशियो-इकोनॉमिक डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स ने 17 से 28 मई के बीच यह सर्वेक्षण किया था। इसमें पूरे पाकिस्तान के करीब 1000 युवाओं से प्रश्न पूछे गए थे।