National
‘कारसेवकों ने भावनाओं में बहकर गिराया था ढांचा’
एजेंसी Saturday, July 04, 2009 15:49 [IST]  

अयोध्या । श्रीराम जन्म भूमि न्यास के अध्यक्ष नृत्यगोपाल दास ने शुक्रवार को कहा कि अयोध्या में जहां रामलला विराजमान है मंदिर वहीं बनेगा। दास ने कहा कि देश के ९क् करोड़ हिन्दुओं की आस्था का प्रश्न है इसलिए जहां रामलला विराजमान है मंदिर वही बनेगा।

लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट पर कुछ न कहते हुए उन्होंने इतना जरूर कहा कि अयोध्या में ६ दिसम्बर १९९२ को विवादित ढांचा कारसेवकों ने गिराया था इसलिए लिब्राहन आयोग की रिपोर्ट का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने कहा कि विवादित ढांचे को भावनाओं में आकर देश के हजारों कारसेवकों ने गिराया था इसलिए इस घटना में एक व्यक्ति या एक संगठन विशेष का कोई मतलब नहीं है।

दास ने कहा कि भारत वर्ष की ऐसी प्रक्रिया है कि देश में कोई भी घटना हो तो आयोग बैठा दिया जाता है। चाहे वह घोटाले की घटना क्यो न हो। उनका कहना था कि आयोग का मतलब नौ की लकड़ी नम्बे खर्च। करीब १७ वर्ष बीत जाने के बाद रिपोर्ट आई है। इस रिपोर्ट का मतलब क्या है। यह गरीब जनता के पैसों का दुरुपयोग नहीं तो और क्या है।

Bookmark and Share


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: