मुंबई। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावसकर ने युवा क्रिकेटरों को चेताते हुए कहा है कि उन्हें आईपीएल की बजाय देश के लिए खेलने के बारे में सोचना चाहिए। गावसकर ने यहां के क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया में दिलीप सरदेसाई मेमोरियल लेक्चर के दौरान कहा कि आईपीएल की वजह से युवा खिलाड़ी क्रिकेट को पूर्णकालिक कैरियर के रूप में देख रहे हैं।
यह अच्छी बात है। हालांकि, इसके पीछे आईपीएल से मिलने वाला पैसा और प्रसिद्धि है। सनी ने कहा, ‘हमारे जमाने में, हम ‘इंडिया कैप’ पहनने में गर्व महसूस करते थे। वहीं, आज खिलाड़ी आईपीएल की तैयारी के लिए घरेलू मैच छोड़ देते हैं। यह खतरनाक संकेत है।
संभव है कि एक क्रिकेटर के लिए कुछ दिनों बाद भारत के लिए खेलना सबसे महत्वपूर्ण बात न रहे। हमें इस खतरनाक स्थिति को रोकना चाहिए।’ पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा कि आईपीएल को लक्ष्य बनाने से युवा क्रिकेटर कैरियर बनने से पहले ही रास्ता भटक सकते हैं।
टेस्ट मैचों में आ रहे चार दिनों में परिणाम : टेस्ट मैचों में दिनों की संख्या पांच से घटाकर चार करने के विचार पर उन्होंने कहा कि अब ज्यादातर मैचों के परिणाम चार या साढ़े चार दिनों में निकल रहे हैं। हो सकता है कि आईसीसी यही सोचकर इसके प्रारूप में बदलाव करने पर विचार कर रही हो।
शार्टपिच गेंदों पर चिंता की जरूरत नहीं : टी-20 विश्वकप और वेस्टइंडीज दौरे पर शार्टपिच गेंदों के खिलाफ भारतीय बल्लेबाजों की कमजोरी उजागर होने के सवाल पर गावसकर ने कहा कि पिछले दिनों खेली गई क्रिकेट में शार्टपिच गेंदों का इस्तेमाल कम हुआ था। इसलिए भारतीय बल्लेबाज फ्रंट फुट पर खेलने के आदी हो गए थे।
फ्रंट फुट पर खेलते हुए शार्टपिच गेंदों से तालमेल बिठाने में मुश्किल होती है। भारतीय टीम के साथ भी यही हुआ। बहरहाल, इसके बारे में ज्यादा चिंता की जरूरत नहीं है।