नई दिल्ली। भले ही महेन्द्र ¨सह धोनी की नेतृत्व वाली टीम इंडिया पूरी दुनिया में अपने प्रदर्शन के झंडे गाड़ चुकी हो लेकिन पूर्व पाकिस्तानी कप्तान जावेद मियांदाद ने भारतीय युवा खिलाड़ियों की क्षमता पर ही सवाल उठा दिए हैं।
मियांदाद ने भारत के मजूबत बल्लेबाजी क्रम की दक्षता पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि वहां के युवा बल्लेबाजों में तो टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता ही नहीं है। खेल वेबसाइट क्रिकेट निर्वाण से कहा कि यूसुफ पठान, सुरेश रैना और रोहित शर्मा जैसे बल्लेबाज तो ट्वेंटी-२क् क्रिकेट के लिए जबर्दस्त हैं लेकिन उन्हें टेस्ट तथा वनडे क्रिकेट के अनुकूल ढलने के लिए अभी बहुत कुछ करना बाकी है।
मियांदाद ने कहा इसमें कोई शकनहीं कि ये बल्लेबाज शानदार प्रतिभा के धनी हैं लेकिन मेरा मानना है कि टीम को इनकी कमजोरियों को खोजकर दूर करना होगा ।
इसके अलावा यह कहने के लिए मैं माफी मांगता हूं लेकिन यह सच है कि टीम इंडिया में अभी मैं किसी योग्य प्रतिभा नहीं देख रहा हूं। पूर्व पाकिस्तानी कप्तान का कहना है कि टीम इंडिया के ज्यादातर युवा खिलाड़ी एक भी टेस्ट मैच नहीं खेले हैं और इसी से उनकी क्षमता का पता चल जाता है।
उन्होंने कहा जब आप धुआंधार २क्-२क् और वनडे क्रिकेट खेलते हैं तो आप टेस्ट क्रिकेट की तकनीक, कला और सही बल्लेबाज बनने की क्षमता खो देते हैं।
उन्होंने कहा दुनिया के ज्यादातर महान बल्लेबाजों ने टेस्ट क्रिकेट को सबसे ज्यादा तरजीह दी थी और वे क्रिकेट के किसी अन्य संस्करण की तुलना टेस्ट क्रिकेट खेलने में ज्यादा रूचि दिखाते थे। मियांदाद ने कहा कि भारत में कुछ ऐसे बल्लेबाज हुए हैं जिनका दुनिया में नाम है। इन सभी बल्लेबाजों ने टेस्ट में अपना झंडा गाड़ा ।
उन्होंने कहा भारत ने विजय हजारे, सुनील गावस्कर , गुंडप्पा विश्वनाथ , सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे महान बल्लेबाजों को दुनिया के सामने पेश किया । ऐसे में टीम में शामिल भारतीय युवा खिलाड़ी इस महान परंपरा को निभाते नजर नहीं आ रहें हैं । उन्होंने भारतीय क्रिकेट के गिर रहे इस स्तर का ठीकरा आईपीएल और इसी तरह के अन्य २क्-२क् क्रिकेट टूर्नामेंट पर फोड़ा।
उन्होंने कहा कि क्रिकेट के इस फटाफट संस्करण के कारण खिलाड़ियों की टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता ही खत्म हो गई। उन्होंने कहा आजकल भारत ही नहीं पाकिस्तान के भी युवा खिलाड़ी फटाफट रन बनाने की सोचते हैं।
लेकिन इस कारणऐसे खिलाड़ियों में टेस्ट में सफल होने के लिए जरूरी तकनीक खत्म हो गई है। मियांदाद ने कहा आईपीएल तो क्रिकेट की महत्ता को ही खत्म कर देगा। बल्लेबाज आजकल सीधे बल्ले से शाट नहीं खेल रहे हैं जैसा पहले होता था और गेंदबाज गेंदों को ¨स्वग कराने की क्षमता भूलते जा रहें हैं ।