बोरगांव बुजुर्ग (खंडवा).
समलैंगिक संबंधों पर दिल्ली हाईकोर्ट की मुहर लगने के बाद मध्यप्रदेश के एक आदिवासी गांव में दो चचेरी बहनों ने परस्पर विवाह की इच्छा जताई है। इन युवतियों की जिद न तो उनके परिजनों को भा रही है और न ही गांववाले इसके लिए तैयार हैं।
खंडवा जिले के गांव पलसिया पाठा की सुमिता मंगल्या और झेना भुलिया पिछले एक साल से साथ रह रही हैं। दोनों के बीच प्रेम 10 साल पहले परवान चढ़ा था। सुमिता इस रिश्ते को सार्वजनिक करने के लिए झेना को अपनी जीवन संगिनी बनाना चाहती है। बेटी की इस जिद से सुमिता की मां बीनाबाई और पिता मंगल्या बेहद नाराज हैं। दोनों का कहना है कि सुमिता ने अगर यह कदम उठाया तो वह उससे नाता तोड़ लेंगे।
मर मिटने को तैयार :
मूल रूप से खरगोन जिले के गांव चैनपुर पखलिया की निवासी ये युवतियां एक-दूसरे के प्रेम में इस कदर पागल हैं कि परिजनों व गांव वालों के आपत्ति जताने पर उन्होंने पिछले दिनों आत्महत्या का प्रयास भी किया था। करीब तीन माह पहले घर छोड़ने वाली सुमिता को अब उसके मामा ने भी पनाह देने से मना कर दिया है। इसके बावजूद दोनों एक-दूसरे से दूर होने को राजी नहीं है। सुमिता व झेना का कहना है कि अब वे कहीं और जाकर अपनी दुनिया बसाएंगी।