सियोल. उत्तर कोरिया ने संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी की अनदेखी करते हुए शनिवार को सात मिसाइलें दागीं। इससे परमाणु मुद्दे पर उसका अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ चल रहा तनाव बढ़ गया है। अमेरिकी स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मिसाइल दागे जाने को अमेरिका के लिए चुनौती माना जा रहा है।
दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक उत्तर कोरिया ने सुबह तीन, दोपहर के आसपास एक और बाद में तीन मिसाइलें दागीं। इन बैलिस्टिक मिसाइलों की मारक क्षमता करीब 400 किलोमीटर थी। दक्षिण कोरिया के सेना प्रमुख की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘दक्षिण कोरिया और अमेरिका की गठबंधन सेना उत्तर कोरिया की किसी भी चुनौती का जवाब देने को तैयार है।’
स्कड मिसाइलें
दक्षिण कोरिया की योंहाप न्यूज एजेंसी ने सेना के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दागी गई मिसाइलें स्कड मिसाइल लग रही थीं। उत्तर कोरिया की स्कड मिसाइलें कम दूरी की मारक क्षमता वाली मानी जाती हैं। यह भी संभावना है कि लंबी दूरी की रोडोंग मिसाइल का कम दूरी पर इस्तेमाल किया गया हो। हालांकि गुरुवार को दागी गईं चारों मिसाइलें संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का उल्लंघन नहीं थीं। ये मिसाइलें बैलिस्टिक न होकर क्रूज थीं।
उत्तर कोरियाई मीडिया में जिक्र नहीं
उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया में मिसाइल दागी जाने की कोई खबर नहीं है। हालांकि जहाजों को 10 जुलाई तक सैन्य अभ्यास के चलते उत्तरी तट से दूर रहने को कहा गया था।
बैलिस्टिक मिसाइलों पर प्रतिबंध
संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के तहत उत्तर कोरिया पर बैलिस्टिक मिसाइल तकनीकी का इस्तेमाल कर स्कड, मध्यम दूरी व लंबी दूरी की मिसाइलें दागने पर प्रतिबंध है। दागे जाने के कुछ समय बाद तक उसे निर्देशित किया जा सकता है। बाद में वह आर्बिटल मैकेनिक्स के नियमों के मुताबिक अपना लक्ष्य तय करती है। इसके विपरीत, क्रूज मिसाइल सीधे लक्ष्य पर दागी जाती हैं।
उत्तर कोरिया द्वारा इस वर्ष किए गए परीक्षण
4 जुलाई : सात संदिग्ध बैलिस्टिक मिसाइलें
2 जुलाई : कम दूरी वाली चार क्रूज मिसाइलें
25 मई : जमीन के भीतर परमाणु परीक्षण
25/26 मई : कम दूरी की कई मिसाइलों का परीक्षण
5 अप्रैल : लंबी दूरी का राकेट (उत्तर कोरिया के मुताबिक सेटेलाइट लांच)