इस्लामाबाद. पाकिस्तान में मुंबई हमला मामले की सुनवाई के लिए जज ही नहीं मिल रहा है जिससे इसकी सुनवाई शनिवार को एक बार टाल दी गई। अब 18 जुलाई को सुनवाई होगी। इस मामले में जकीउर रहमान सहित लश्करे तैयबा के पांच आतंकी आरोपी हैं।
सूत्रों के मुताबिक रावलपिंडी में साखी मोहम्मद कहुत के आतंक निरोधी कोर्ट में चल रहे इस मामले में 23 मई से कोई सुनवाई नहीं हो सकी है। जस्टिस कहुत को न्यायिक सुधार प्रक्रिया के तहत हटा दिया गया है।
संघीय जांच एजेंसी ने आतंक निरोधी कोर्ट क्रमांक-एक के जज मोहम्मद अकरम अवान से इस मामले की सुनवाई का आग्रह किया, जो लगातार सुनवाई टाल रहे हैं। व्यक्तिगत कारणों के चलते जस्टिस अवान शनिवार को अवकाश पर थे।
राना कर सकते हैं सुनवाई : बाकिर अली राना को आतंक निरोधक कोर्ट क्रमांक-2 का नया जज नियुक्त किया गया है, वे सोमवार को अपना कार्यालय संभालेंगे। राना अन्य हाई प्रोफाइल आतंकी मामलों की सुनवाई के साथ लश्कर के पांचों आतंकियों की सुनवाई भी कर सकते हैं। पाकिस्तानी प्रशासन ने जकीउर रहमान लखवी, जरार शाह, अबू अल कामा, शाहिद जमील रियाज और हमद अमीन सादिक पर आतंक निरोधक अधिनियम, पाकिस्तान पैनल कोड और साइबर क्राइम अधिनियम के तहत आरोप लगाए हैं। 5 मई को इन संदिग्धों को आरोप पत्र की प्रति दी गई थी और अगली सुनवाई में इन पर औपचारिक रूप से आरोप लगाए जाने हैं। सुरक्षा कारणों से मामले की सुनवाई रावलपिंडी के अति सुरक्षा वाले आदिला जेल में की जा रही है।