National
छेड़छाड़ को भी शामिल किया जाए रेप की परिभाषा में
एजेंसी Sunday, July 05, 2009 00:33 [IST]  

नई दिल्ली. राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने दुष्कर्म की परिभाषा का दायरा बढ़ाए जाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इस तरह के मामलों का जल्द से जल्द निपटारा होना चाहिए। व्यास ने शनिवार को एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि महिलाओं के खिलाफ यौन शोषण के मामलों से निपटने के लिए कानून में बदलाव की जरूरत है। उन्होंने कहा कि आयोग ने इस संबंध में केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजे हैं। उनके मुताबिक, दुष्कर्म की परिभाषा को तत्काल फिर परिभाषित कर इसमें छेड़छाड़ को भी शामिल करने की जरूरत है।

महिला आयोग की अध्यक्ष ने बताया कि दुष्कर्म पीड़ितों के पुनर्वास के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर पुनर्वास योजना को जल्द लागू करने की मांग की। व्यास ने बताया, ‘इस योजना के संबंध में हमने प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उन्हें बताया कि दुष्कर्म पीड़ितों का पुनर्वास क्यों आवश्यक है।’ उन्होंने बताया कि इस वर्ष जून तक आयोग के पास दुष्कर्म की करीब 300 शिकायतें आई थीं।

योजना के प्रारूप के मुताबिक प्रत्येक जिले में जिला पुनर्वास बोर्ड (आपराधिक क्षति व राहत) स्थापित किया जाएगा। संबंधित जिलों में इस योजना के तहत प्राप्त हुई शिकायतों के आवेदनों से निपटने के लिए बोर्ड के पास विशेष न्यायिक अधिकार होंगे। बोर्ड में आवेदन देने वाले पीड़ितों को योजना के प्रावधानों के तहत वित्तीय राहत और पुनर्वास की मदद मिल सकती है। इसके अलावा एक राष्ट्रीय बोर्ड भी गठित होगा, जो जिला बोर्डो की क्रियाविधि तय करेगा।

Bookmark and Share


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: