नई दिल्ली. महिलाओं का अभद्र चित्रण करने वाले विज्ञापनों की संख्या में पहले की अपेक्षा कमी आई है। यह जानकारी केंद्रीय महिला और बाल विकास राज्यमंत्री कृष्णा तीरथ ने संसद में दी है। कृष्णा तीरथ ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के आंकड़ों के हवाले से बताया कि देश में महिलाओं के अभद्र चित्रण (निषेध) अधिनियम 1986 के अंतर्गत ऐसे विज्ञापनों के 2005 में 2917, 2006 में 1562 और वर्ष 2007 में 1200 मामले प्रकाश में आए थे।