भोपाल. राजधानी के जिला अस्पताल जेपी (1250 अस्पताल) में बीती रात से शनिवार दोपहर तक बिजली गुल रही। इस दौरान कई मरीजों की जान पर बन आई। एक महिला का प्रसव रात को मोमबत्ती की रोशनी में कराना पड़ा।
विश्वकर्मा नगर, हबीबगंज निवासी महिला ऊषा ने रात में ही शिशु को जन्म दिया। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एसके सक्सेना ने कहा कि उस समय वे स्वयं अस्पताल में मौजूद थे। डॉक्टरों और स्टाफ के प्रयास से घटना दुर्घटना में नहीं बदली, उन्हें इसका संतोष है।
इसी दौरान पिपलानी निवासी मालती की तबीयत भी बिगड़ गई थी और उसके परिजन काफी घबरा गए थे। वहां मौजूद अन्य लोगों और डॉक्टर ने उन्हें संभाला। यहां भर्ती मरीजों के परिजन शमीम और मनोज कुमार ने बताया कि रात में बिजली नहीं होने से काफी दिक्कत हो रही थी। दोपहर बाद बिजली आई, लेकिन शाम सात बजे फिर आधे घंटे के लिए बिजली गुल हो गई। बिजली गुल का सिलसिला शुक्रवार रात 10 बजे से शुरू हो गया था।
क्या है वजह
अस्पताल में करीब एक साल पहले 11 केवी का नया सब स्टेशन लगाया गया है। नियमानुसार एक ए क्लास इलेक्ट्रीकल कांट्रेक्टर की देखरेख में इस सब स्टेशन का रखरखाव होना चाहिए। इसमें सबसे जरूरी यह है कि एक प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन यहां 24 घंटे मौजूद होना चाहिए, लेकिन अस्पताल में इसका इंतजाम नहीं है। पिछले दिनों पीडब्ल्यूडी ने एक पत्र लिख कर अस्पताल प्रबंधन को सब स्टेशन के रखरखाव का इंतजाम करने को कहा था। इस काम में लगभग सात लाख रुपए वार्षिक खर्च होने का अनुमान था। दूसरी तरफ विद्युत वितरण कंपनी ने अस्पताल प्रबंधन को दिए एक पत्र में कहा गया है कि सब स्टेशन में पीडब्ल्यूडी ने घटिया क्वालिटी के उपकरण लगाए हैं, इस वजह से बार-बार फाल्ट हो रहा है।