इंदौर. बढ़ते अपराधों को लेकर शहर कांग्रेस द्वारा शनिवार को किए गए बंद को लोगों ने भी स्वेच्छा से समर्थन दिया। शहर के अधिकांश निजी स्कूल व लोक परिवहन के साधन बंद रहे तो दुकानें भी दोपहर 12 बजे बाद ही खुलीं। कांग्रेसियों ने राजबाड़ा पर मुख्यमंत्री का पुतला फूंका तो पाटनीपुरा पर भाजपाइयों ने महंगाई के विरोध में प्रधानमंत्री का पुतला जलाया। राजबाड़ा पर पुलिस को हलका बल प्रयोग भी करना पड़ा।
कांग्रेस ने सुबह 7 से दोपहर 12 बजे तक बंद का आह्वान किया था। सुबह अधिकांश निजी स्कूलों की बसें नहीं आईं जिससे बच्चे स्कूल नहीं जा सके। जिला प्रशासन व पुलिस ने सुबह 7 बजे के पहले ही मोर्चा संभाल लिया था। हालांकि अधिकांश कांग्रेस कार्यकर्ता सुबह 8 बजे बाद ही घरों से निकले। सुबह 8.30 बजे तक तो चाय-नाश्ते की दुकानें कई स्थानों पर खुली थीं लेकिन बाद में दुकानदारों ने बंद कर दी। छावनी में तो दुकानदारों को कांग्रेस नेता भरत मथुरावाला की दुकान खुली देखकर हिम्मत मिली।
यहां कई दुकानें खुली रहीं। सांसद सज्जनसिंह वर्मा, विधायक तुलसी सिलावट, सत्यनारायण पटेल, अश्विन जोशी ने समर्थकों के साथ लोगों को बंद के लिए प्रोत्साहित किया। शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रमोद टंडन, रामेश्वर पटेल, कृपाशंकर शुक्ला व मनोहर धवन ने कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाया। नरेंद्र सलूजा, राजेश चौकसे, अनिल यादव ने भी कार्यकर्ताओं के साथ लोगों के हाथों में काली पट्टी बांधी।
पुलिस को दोनों ही पार्टियों ने दिया चकमा
बंद को लेकर पुलिस प्रशासन की रणनीति थी कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी भी व्यक्ति का पुतला नहीं जलाने दिया जाएगा। पुतला जलाने की शुरुआत सुबह पाटनीपुरा पर भाजपा महिला मोर्चे की शीला ताई घुमनर व पूजा पाटीदार के नेतृत्व में की गई। उन्होंने सुबह 9 बजे जैसे ही सोनिया गांधी का पुतला निकाला, एक पुलिसकर्मी उसे छीनकर भागा।
कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री का पुतला जला दिया। सुबह 11.30 बजे युवा कांग्रेस ने राजबाड़ा पर मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। पिंटू जोशी भीड़ से एक पुतला लेकर आए जिसे छीनने के लिए पुलिसकर्मी दौड़े। छीनाझपटी के दौरान इमली बाजार क्षेत्र से कुछ कार्यकर्ता मुख्यमंत्री का पुतला लाए और उसमें आग लगा दी। कुछ पुलिसकर्मियों ने इन पर लाठियां चलाईं जिससे कार्यकर्ता नाराज हो गए।