पंचकूला. वह दिन अब दूर नहीं, जब दिल्ली और मुंबई की तर्ज पर पंचकूला में भी गगनचुंबी इमारतें देखने को मिलेंगी। हुडा ने हाल ही में सेक्टर-3 में 22 मंजिला इमारत बनाने की योजना बनाई है। कर्व (घुमाव) की शक्ल में लगभग 3.5 लाख वर्गफीट कवर्ड एरिया में प्लान की गई इस इमारत के निर्माण की योजना अगर सिरे चढ़ गई तो इसे ‘हुडा टावर’ के नाम से जाना जाएगा। इसे हुडा के आर्किटेक्चर विंग ने डिजाइन किया है।
इस बहुमंजिला इमारत की प्लानिंग को हुडा मुख्यालय ने मंजूरी देकर इंजीनियरिंग विंग को फिजीबिलिटी चेक करने के लिए भेज दिया है। यूथ हॉस्टल के नजदीक करीब 5.5 एकड़ में प्लान किए गए हुडा टावर में 20 मंजिलें जमीन से ऊपर होंगी और दो मंजिलें बेसमेंट में होंगी।
इसमें बेसमेंट को पार्किग, फायर फाइटिंग व एयर कंडीशनिंग सिस्टम के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। पूरी तरह से एयरकंडीशंड यह टावर सोलर एनर्जी एफिशिएंट भी होगा। इसके लिए हुडा दिल्ली से एक सरकारी संस्थान से गाइडलाइंस लेने जा रहा है।
अगर प्रस्तावित इमारत बनती है तो यह शहर व आसपास के इलाके में सबसे ऊंची तो होगी ही, रिफ्लेक्टिंग ग्लास वाली लुक के मद्देनजर ट्राईसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला व मोहाली) के लिए लैंडमार्क भी होगी। टावर की प्लानिंग हुडा के मुख्य प्रशासक टीसी गुप्ता के मार्गदर्शन में सीनियर आर्किटेक्ट एम.भारद्वाज और आर्किटेक्ट एचआर यादव ने कई महीनों की मशक्कत से पूरी की है।
हुडा पिछले साल इमारतों की ऊंचाई के मामले में कुछ नियम-शर्तो के साथ पहले ही छूट दे चुका है। इससे पहले हुडा ने सिटी सेंटर सेक्टर-5 में फाइव स्टार डीलक्स होटल के लिए आठ एकड़ जमीन इयर मार्क कर उस पर अधिकतम 75 मीटर ऊंची इमारत बनाने की अनुमति दे रखी है। यानी हुडा टावर के बाद प्रस्तावित फाइव स्टार होटल शहर में दूसरे नंबर की ऊंची इमारत होगी।
11 मंजिला इमारत का प्रोजेक्ट ठप
चंडीगढ़ सिटी सेंटर, सेक्टर-17 में 11 मंजिला बिल्डिंग बनाने की योजना कई वर्षो से सिरे नहीं चढ़ी। दो साल पहले इस प्रोजेक्ट पर चर्चा तो हुई, लेकिन बाद में प्रोजेक्ट के बारे में फैसला लेने का काम एक कमेटी को सौंप दिया गया। अब यह प्रोजेक्ट पूरी तरह ठप है।
बनने थी ऑक्शन हॉल का भी प्रावधान
टावर की प्लानिंग में बड़े साइज के कॉन्फ्रेंस हॉल के साथ एक बड़ा ऑक्शन हॉल भी रखा गया है। मकसद इस्टेट ऑफिस को कमर्शियल व अन्य प्लॉट्स की नीलामी आयोजित करने के लिए परमानेंट पक्की छत मिल जाए। अब तक इस्टेट ऑफिस टेंट लगा खुले में नीलामी करता आ रहा है। टावर में रेस्तरां, कैंटीन, सिंगल विंडो, रिसेप्शन के अलावा बिल्डिंग प्लान्स सेंक्शनिंग रूम का भी प्रावधान है।
हुडा की योजना, एक छत के तले आ जाएंगे ऑफिस
हु डा टावर के बनने पर हुडा के प्रशासक व इस्टेट ऑफिसर सहित सभी लोकल ऑफिस एक छत तले आ जाएंगे। इससे इन दफ्तरों की कार्यकुशलता तो बढ़ेगी ही, सैकड़ों सरकारी व निजी वाहनों का इधर से उधर जाने पर खर्च होने वाला ईधन भी बचेगा।
हुडा निचली पांच मंजिलें अपने लोकल ऑफिसेज के लिए इस्तेमाल कर बाकी 15 मंजिलें लीज पर कुछ नियम-शर्र्तो के तहत हरियाणा के सरकारी विभागों या अन्य निजी संस्थानों को आवंटित कर सकता है। इससे हुडा को आमदनी भी होगी और शहर की रौनक भी बढ़ेगी। यह टावर नेशनल हाईवे-22 पर जीरकपुर-कालका मुख्य मार्ग पर मॉडर्न लुक का बनेगा। इसका स्ट्रक्चरल डिजाइन आईआईटी या किसी अन्य बड़े संस्थान से बनवाया जा सकता है।
अभी आर्किटेक्चर विंग ने सेक्टर-3 में बनने वाले हुडा ऑफिस की बहुमंजिला इमारत की प्लानिंग फाइनल कर, हमें फिजीबिल्टी चेक करने के लिए भेजी है। फिजीबिल्टी के लिए इंजीनियरिंग विंग के अलावा सिविल एविएशन सहित कई महकमे अपने दृष्टिकोण से प्लानिंग को चेक करेंगे।
एस.के. गुप्ता, डिवीजनल एक्सईएन