रंगीलो राजस्थान...
भास्कर नेटवर्क Thursday, July 09, 2009 11:39 [IST]  

rajनिराली आन, बान, शान का प्रतीक राजस्थान सदा से ही वीरों की धरती रहा है। इस प्रदेश की माटी के कण-कण में त्याग, बलिदान व साहस की गाथाएं रची-बसी हैं। राजस्थानी साहित्य, कला एवं संस्कृति के अनगिनत रंगों की छटा इस प्रदेश को देश-विदेश में रंगीला राजस्थान के नाम से भी अलग पहचान दिलाती है।

राजस्थान राज्य छोटी-बड़ी रियासतों को मिलाकर बनाया गया है। सर्वप्रथम 17 मार्च, 1948 को 4 रियासतों अलवर, भरतपुर, धौलपुर व करौली को मिलकर मत्स्य संघ बनाया गया। 30 मार्च 1949 को अनेक रियासतों को मिलाकर विशाल राजस्थान संघ नाम दिया गया। अंत में 1 नवंबर 1956 को इसका नाम राजस्थान रखा गया।

राजस्थान एक सीमांत राज्य है, इसकी पश्चिमी तथा उत्तर-पश्चिमी सीमा पाकिस्तान से लगी है। अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई 1070 किमी है। इसके उत्तर में पंजाब, पूर्वोत्तर में हरियाणा व उत्तरप्रदेश, दक्षिण तथा दक्षिण पूर्व में मध्यप्रदेश तथा दक्षिण पश्चिम में गुजरात स्थित है।

राजस्थान भारत का क्षेत्रफल की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है। इसके पश्चिम में विशाल थार मरुस्थल है। संसार की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखला अरावली इसे उत्तर से दक्षिण दो भागों में बांटती है। अरावली का सर्वोच्च पर्वत शिखर सिरोही जिले में गुरुशिखर (1727 मी.) है, जो माउंट आबू में है। राजस्थान नहर, जो इंदिरा गांधी नहर के नाम से जानी जाती है, इस प्रदेश के उत्तर-पश्चिम भाग में बहती है।

झीलें

राजस्थान में अनेक प्राकृतिक एवं कृत्रिम झीलें हैं। इनमें सांभर, फलौदी, डीडवाना, लूणकरणसर, पचभद्रा तथा पुष्कर प्राकृतिक झीलें हैं, जबकि आनासागर, जयसमंद, राजसमंद, फतेहसागर, उदयसागर, नक्की झील आदि कृत्रिम झीलें हैं।

पर्यटन

राजस्थान पर्यटन की दृष्टि से काफी समृद्ध है। यहां अनेक दुर्ग, महल, हवेलियां, संग्रहालय, वन्य प्राणी उद्यान तथा पक्षी उद्यान स्थित हैं। जयपुर में जयगढ़ तथा नाहरगढ़ दुर्ग, सिटी पैलेस, जंतर-मंतर, जोधपुर में उमेद भवन पैलेस, मेहरानगढ़ दुर्ग, जैसलमेर में सोनार दुर्ग एवं अनेक हवेलियां, उदयपुर में सिटी पैलेस एवं अनेक झीलें तथा अजमेर में ख्वाजा साहब की दरगाह स्थित है। सवाई माधोपुर में रणथम्बौर, वन्य प्राणी उद्यान, अलवर में सरिस्का प्राणी उद्यान, भरतपुर में घाना राष्ट्रीय पक्षी उद्यान स्थित हैं।

राजस्थान की चित्रकला

मेवाड़ शैली, मारवाड़ शैली, ढूंढाड़ शैली, बूंदी शैली तथा किशनगढ़ शैली राजस्थान की प्रमुख चित्रकला शैलियां हैं।

प्रमुख नदियां

राजस्थान की प्रमुख नदियांे में चंबल, लूनी, बनास, माही, घग्गर, बाणगंगा, कालीसिंध, पार्वती तथा जवाई हैं।

प्रमुख फसलें

ज्वार, बाजरा, मक्का, गेहूं, चना, तिलहन, कपास, गन्ना तम्बाकू हैं।

जिले - अलवर, अजमेर, बीकानेर, बारां, भरतपुर, बाड़मेर, बूंदी, भीलवाड़ा, बांसवाड़ा, चुरू, चित्तौड़गढ़, दौसा, धौलपुर, डूंगरपुर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जयपुर, झुंझुनू, जोधपुर, जैसलमेर, जालौर, झालावाड़, करौली, कोटा, नागौर, प्रतापगढ़, पाली, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, टोंक तथा उदयपुर।

राजधानी - जयपुर

लोक नृत्य

गेर, गींदड़ नृत्य, चंगनृत्य, डांडिया नृत्य, ढोल नृत्य, बमनृत्य, घूमर, भवाई तथा तेरहताली नृत्य राजस्थान के प्रमुख लोकनृत्य हैं।



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