Bhopal
भोपाल में ही बिके थे पर्चे
भास्कर न्यूज Sunday, July 12, 2009 01:40 [IST]  

भोपाल/इंदौर. प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश के लिए पिछले सप्ताह हुई पीएमटी के नकली प्रश्नपत्र बेचने के एक सनसनीखेज मामले ने इस परीक्षा से जुड़े तंत्र पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। प्रश्नपत्रों की बिक्री के मामले में इंदौर पुलिस ने इंदौर और दिल्ली के दो डॉक्टरों को पकड़ा है, जिनसे पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये नकली पेपर उन्हें भोपाल के दो लोगों से मिले हैं। इंदौर पुलिस इस आधार पर भोपाल में भी छापामार कार्रवाई करने जा रही है।

पीएमटी के प्रश्नपत्रों की असलियत का खुलासा होना अभी बाकी है लेकिन नकली प्रश्नपत्रों की आड़ में हुई लाखों रुपए की सौदेबाजी से स्पष्ट है कि गिरोह के तार भोपाल से जुड़ रहे हैं। यहां परीक्षा आयोजित करने वाले व्यावसायिक परीक्षा मंडल का मुख्यालय होने के कारण संदेह की सुई मंडल से जुड़े कतिपय लोगों की ओर जा रही है।

परीक्षा के दो दिन पहले भोपाल पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां पीएमटी के प्रश्नपत्र बेचे जा रहे हैं। एसपी जयदीप प्रसाद ने इस सूचना की पुष्टि करते हुए कहा था कि उन्हंे छानबीन में कोई सुराग नहीं मिला था। संदेहियों के पकड़े जाने और उनके द्वारा भोपाल में दो लोगों से पेपर खरीदे जाने के बारे में एसपी जयदीप प्रसाद फिलहाल कोई भी जानकारी होने से इनकार कर रहे हैं।

उधर पीएमटी के पर्चे के नाम पर हुई धोखाधड़ी के मामले में इंदौर पुलिस ने पर्चे निजी अस्पताल में फैक्स से भिजवाने वाले दिल्ली के डॉक्टर को हिरासत में ले लिया। उसने बताया यह इन पर्चो का सौदा उसने भोपाल के दो लोगों से पचास लाख में किया था। इसे बेचने के लिए उसने ग्वालियर की कोचिंग क्लास से 35 लाख तथा इंदौर के छात्रों से 55 लाख में बात की थी। एसएनजी हॉस्पिटल के डॉ. जगत रावत के साथ पुलिस की टीम ने दिल्ली में दबिश डालते हुए डॉ. गोपाल मोदी को पकड़ा। डॉ. मोदी ने ही डॉ. रावत से बात कर मुरैना से भाई किशन के मार्फत पीएमटी के नकली पेपर अस्पताल के फैक्स पर भिजवाए थे। डॉ. मोदी को इंदौर लाया गया, जहां सीएसपी गिरीश सूबेदार ने उससे पूछताछ की। डॉ. मोदी के मुताबिक सौदा यह तय हुआ था कि अगर पेपर हूबहू बैठा तो उसके बदले पचास लाख रुपए देने होंगे। इस डील के पहले डॉ. मोदी ने ग्वालियर की एक कोचिंग क्लास से संपर्क कर इसी शर्त पर 35 लाख रुपए में सौदा किया। उसने 3 जुलाई को भोपाल से पेपर हासिल किए और मुरैना में भाई किशन को देते हुए कहा कि 4 जुलाई की रात जब मैं कहूं तब इंदौर फैक्स कर देना।

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