Bhopal
अस्पताल तो दूर, अभी स्टाफ क्वार्टर ही बन रहे हैं
Bhaskar Correspondent Monday, July 13, 2009 02:21 [IST]  

भोपाल. ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) वर्ष 2011 में शुरू होने की संभावना कम है। वजह है अस्पताल के निर्माण कार्य की धीमी शुरुआत और क्षेत्रीय लोगों का विरोध। गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने एक सप्ताह पूर्व भोपाल के एम्स को 2011 तक शुरू करने की घोषणा की है। राजधानी में एम्स के लिए शिलान्यास पांच साल पहले हुआ था और वर्ष 2006 तक काम पूरा हो जाना था। लेकिन जमीन का आवंटन जनवरी 08 में किया जा सका। यहां एक वर्ष के निर्माण कार्य में केवल 300 स्टाफ क्वार्टर का निर्माण ही हो रहा है।

एम्स के निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार 2011 में एम्स को शुरू किया जा सकता है, बशर्ते क्षेत्रीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधि किसी प्रकार का विरोध न करें। पिछले दिनों जिला प्रशासन ने इसकी बाउंड्रीवॉल के भीतर अतिक्रमण करने वाले दो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की थी।

800 करोड़ हुई लागत

एम्स के शिलान्यास के समय अस्पताल भवन के निर्माण का अनुमानित खर्च 323 करोड़ रु. रखा गया था। यह बढ़कर अब 800 करोड़ हो गया है। निर्माण एजेंसी के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र से अस्पताल के निर्माण के लिए पहली किस्त में 323 करोड़ रुपए मिले हैं। एम्स के निर्माण कार्य में देरी बजट के कारण नहीं हो रही है।

आठ करोड़ का काम हुआ

73 एकड़ में 960 बिस्तरों का अस्पताल और 65 एकड़ में आवासीय कॉलोनी बनाई जाना है। पहले चरण में आवासीय भवनों का निर्माण किया जा रहा है। यहां आठ करोड़ रुपए के निर्माण कार्य करा दिए गए हैं। प्रोजेक्ट अधिकारियों ने बताया कि 323 करोड़ में से अभी केवल आठ करोड़ रुपए का काम ही कराया गया है। पहली किस्त के शेष बचे 315 करोड़ रु. का निर्माण कार्य कराया जाना है। इस बजट के समाप्त होने से पूर्व शासन से अगली किस्त ले ली जाएगी। जटिल बीमारियों के मरीजों के इलाज के लिए प्रस्तावित एम्स के निर्माण कार्य ने अब तेजी पकड़ ली है। परिसर में 600 स्टाफ क्वार्टर्स का निर्माण किया जाना है।

दो हिस्सों में संचालित होगा अस्पताल

अस्पताल के पहले भाग में 500 बिस्तर के वार्ड होंगे। दूसरे भाग में 300 बिस्तर का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल होगा। इसमें 100 बिस्तर का ट्रामा सेंटर एवं 30-30 बिस्तर का आयुष व शारीरिक एवं मानसिक पुनर्वास केंद्र प्रस्तावित है।

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