नगर निगम लुधियाना की तरफ से तो वैसे कई अभियान चलाए जा रहे हैं जिसमें कि गरीब लोग बलि चढ़ रहे हैं। नगर निगम के अधिकारी अतिक्रमण के नाम पर गरीबों की रेहड़ियां उठा कर लेजा रहे हैं, पर कभी उन्होंने यह नहीं देखा कि कई दुकानें ऐसी भी हैं जो वार्ड काउंसलर के अंदर आती हैं, उनके बाहर भी काफी जगह रोकी गई होती है।
यहां पर तो कभी नगर निगम का ध्यान नहीं जाता। ऐसी ही एक घटना मेरी आंखों के सामने घटी। लुधियाना के चंद्र नगर इलाके में जहां पर कुछ दिन पहले ही कई गरीब आदमियों की रेहड़ियों को नगर निगम ने उठा लिया। उसी समय उन्हें थापर मोटर्स के बाहर खड़ी एक टूटी-फूटी कार नहीं दिखी जो रास्ता रोके हुए थी। क्या निगम को इस तरह का भेदभाव करना चाहिए। मेरी नजर में यह गलत है और इसे तुरंत रोका जाना चाहिए।
- दीपक बहल (परिवर्तित नाम), लुधियाना