जोधपुर. हाईकोर्ट के फटकार के बाद भी शहर का कचरा संग्रहण केन्द्र और मुख्य सड़क गंदगी से भरा पड़ा है। यहां 45 वार्डो में डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन करने का ठेका दिया गया था लेकिन सब कुछ कागजों पर ही हो रहा है। न तो नगर निगर और न ही कोई भी कर्मचारी यहां की गंदगी की तरफ ध्यान देता है।
शहर के लोगों ने कितनी ही बार निगम में शिकायत की लेकिन हां आते हैं, करते हैं, बस हो जाएगा इसी पर जाकर सारी शिकायत खत्म हो जाती है, गंदगी जस की तस बनी हुई है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि यहां के नगर निगम के पास हर तरह के संशाधन मौजूद हैं इसके बावजूद हालात में कोई सुधार नहीं हो रहा है। निगम की लापरवाही के खिलाफ लोगों ने हाईकोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जिसके बाद कोर्ट ने निगम को फटकार लगाते हुए सफाई-व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा था। कुछ दिनों तक तो साफ सफाई ठीक तरह से हुई लेकिन जैसे ही समय बीता फिर वहीं लापरवाही होने लगी।
आसपास रहने वाले लोगों का फिर से आना-जाना दूभर हो गया है, समस्या वैसे ही बनी है जैसे पहले थी। निगम की सुस्ती से लोगों को जो परेशानी हो रही है उसपर अब तो प्रशासन भी ध्यान नहीं दे रहा है। निगम का डोर-टू-डोर वेस्ट कलेक्शन का प्लान पूरी तरफ असफल हो गया है।
जसवंत (जोधपुर सिटी)