अगर हमें ी और साहित्य के बारे में बात करनी हो तो कुछ ी लेखिकाओं और उनकी किताबों के जिक्र के साथ ही बात खत्म कर दी जाती है। लेकिन वर्जीनिया वुल्फ ऐसा कदापि नहीं करतीं। वह बात शुरू ही यहां से करती हैं कि अगर कोई ी साहित्य रचना चाहती है तो उसके पास अपना स्वयं का कमरा होना चाहिए और अपना पैसा।
यही कथ्य है अठारहवीं सदी की मशहूर लेखिका वर्जीनिया वुल्फ की किताब द रूम ऑफ वंस ओन की। वर्जीनिया बताती हैं कि एक रूढ़िवादी और सामंती समाज में किसी ी के लिए कुछ भी रचना और बड़ा काम करना कितना कठिन है। यह किताबअपने बलबूते कुछ भी बड़ा करने की तमन्ना रखने वाली ियों का प्रकाश स्तंभ है, जो बताती है कि ी की हर बड़ी यात्रा की शुरूआत अपने कमरे से होती है।