मुंबई.
भारतीय खिलौना और अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के बाजार पर कब्जा जमाने के बाद चीन के उत्पादक अब भारतीय राखी के बाजार पर भी काबिज हो रहे हैं। चीन की बनी लाइटवाली राखियां इस समय बाजार में धड़ल्ले से बिक रही हैं और इनका भाव 40 फीसदी बढ़ गया है, जबकि अन्य राखियों के भाव में महज 5 फीसदी तक की वृद्धि हुई है।
बाजार में जय हो, हैरी पोटर, गणोश, गजिनी, काटरून कैरेक्टर वाली राखियां छोटी बहनों के आकर्षण का केंद्र बन गई हैं। पार्सल के लिए कार्ड पैकिंग वाली राखियों की मांग है। अमेरिकन डायमंड से जड़ी राखियों की भी मांग है तो धार्मिक राखियों में तिरुपति बालाजी, भगवान शंकर, गणोश जी और ओम की प्रतिमा वाली नई राखियों ने इस साल बाजार में दस्तक दे दी हैं।
साबूवाला इंटरप्राइजेस के अमित शाह के मुताबिक दूरदराज राखी भेजनेवाली बहनें बीते दस दिनों से खरीदारी कर रही हैं। कार्ड पैकिंग की राखियों की मांग है और उनकी बिक्री भी अच्छी है। उनके मुताबिक चीन की लाइटवाली खिलौना राखी का भाव पिछले वर्ष के भाव 25 रुपए से बढ़कर 35-40 रुपए तक पहुंच गया है।
मेघा कलेक्शन के केपी मोहन बताते हैं कि मंदिर पैकिंग में स्टोन जड़ित तिरुपति बालाजी, भगवान शंकर, गणोश, ओम जैसी प्रतिमावाली राखी का भाव 75-150 रुपए है। जबकि जय हो, वोडाफोन के विज्ञापन में आनेवाले जिजो, गजिनी, मिकी माउस, स्पाइडरमैन राखी बच्चों को आकर्षित कर रही हैं और इनकी कीमत 10 से 20 रुपए है।
रुद्राक्ष, चंदन व डायमंड वाली राखियों की कीमत 70 रुपए के आसपास है। धागेवाली पारंपरिक राखियां अब भी 2-5 रुपए में बिक रही हैं। अमेरिकी डायमंड की राखियों का भाव 200-250 रुपए है।