हांगकांग. एक उम्र के बाद लोगों के दांतों में खराबी आना एक आम समस्या है, लेकिन जापान के वैज्ञानिकों की मानें तो भविष्य में वयस्कों व बुजुर्गो के भी टूटे दांत उगाए जा सकेंगे। इन वैज्ञानिकों ने भ्रूण की कोशिकाओं का इस्तेमाल करते हुए वयस्क चूहे के दांत उगाने में सफलता पाई है।
एक मेडिकल जर्नल में प्रकाशित रिपोर्ट में शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि इलाज की इस पद्धति से भविष्य में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मानव अंग भी बनाए जा सकेंगे। शोध के लिए वैज्ञानिकों ने चूहे के भ्रूण से कुछ कोशिकाएं निकालकर ‘बायो-इंजीनियरिंग टूथ जर्म’ विकसित किया। बाद में इस ‘जर्म’ को उन्होंने एक वयस्क चूहे के जबड़े में प्रत्यारोपित कर दिया। शोधकर्ताओं ने पाया कि 37 दिन बाद दांत उगने लगा और चूहा इससे कुतरने भी लगा।
टोक्यो यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस के वैज्ञानिक ताकाशी त्सूजी के नेतृत्व में हुए शोध में पाया गया कि बायोइंजीनिरिंग से विकसित दांत के इनामेल और उसकी कठोरता प्राकृतिक दांत के समान थी। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस पद्धति का मुख्य उद्देश्य ऐसे पूर्ण विकसित बायो इंजीनियरिंग अंग तैयार करना है, जो बीमारी, दुर्घटना और उम्र की वजह से क्षतिग्रस्त या कटे अंगों की जगह ले सकें।