कौन-सा ऐसा कीट है, जो अपना भोजन चूसकर ग्रहण कर पाता है?
वो है - तितली! इस खूबसूरत, रंगीन कीट के पास दूसरे कीटों की तरह मुख नहीं होता, लेकिन प्रकृति ने तितली के भोजन के लिए एक दूसरा इंतज़ाम किया हुआ है।
तितली के मुंह में लंबी, पतली ट्यूब होती है, जिसे प्रोबोसिस कहते हैं। उसी के द्वारा यह फूलों से मधुर मकरंद (फूलों का मीठा रस) चूसती है। ठीक उसी प्रकार जैसे आप स्ट्रॉ से कोल्डड्रिंक्स पीते हैं।
जब तितली को फूलों का रस पीना होता है, तो वह अपनी प्रोबोसिस नली सीधी कर लेती है और रस पीने के बाद फिर से पीछे की तरफ कुंडली के रूप में मोड़ लेती है। सबसे Êयादा अनोखी बात यह है कि प्रोबोसिस के सीधे होने और मुड़ने का संदेश तितली के पैरों के नीचे से आता है। जब तितली किसी फूल पर बैठती है, तो पहले अपने पैरों की सहायता से फूल का रस चखकर देखती है। यही मीठे संकेत तितली के पैरों से चलकर उसके प्रोबोसिस तक पहुंचते हैं और उसे सीधा होने का निर्देश देते हैं।
पूर्वा गुप्ता , कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल