गुलाबी शहर यानी पिंक सिटी, जहां दुनिया भर से सैलानी आते हैं। इससे शहर तो शहर राज्य को भी आय होती है। शहर की प्रसिद्धि के कारणों में से एक कारण है इसकी शांतिप्रिय छवि। लेकिन इधर कुछ बीते वर्षों से शहर की छवि को बट्टा लगा है। क्राइम का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पुलिस प्रशासन की सुस्ती का आलम यह है कि चोर-लुटेरे दिन में भी वारदातों को अंजाम देने लगे हैं। शहर में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। कोई भी काम बिना लेनदेन के नहीं हो रहा है। चाहे लाइसेंस बनवाना हो या फिर घर बनवाने का नक्शा पास करवाना हो।
रही बात सरकार की तो उससे तो कोई उम्मीद ही बेकार है। नेता तो सिर्फ चुनावों के पहले ही लोगों को याद करते हैं, बाकी समय तो वो अपनी जेबें भरने में ही लगे रहते हैं। यदि ऐसे ही हालात बने रहे तो एक दिन ऐसा आएगा जब लोग इस शहर तो दूर देश में आना भी बंद कर देंगे।
मैं मालवीय नगर में रहता हूं और यहां के हालात इतने ज्यादा खराब हैं कि साफ सफाई के लिए नगर निगम के सफाईकर्मियों को चाय-पानी का पैसा देने के बाद भी वो काम नहीं करते हैं।
शैलेंद्र शिवहरे, मालवीय नगर