इस जंगल से रामू की फिल्म को बचाओ
भास्कर डॉट कॉम Friday, August 07, 2009 18:50 [IST]  

भास्कर डॉट कॉम फिल्म रिव्यू

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रामू का जंगल में तड़का - इस जंगल से रामू की फिल्म को बचाओ

फिल्म - अज्ञात

डॉयरेक्टर - रामगोपाल वर्मा

कलाकार - नितिन रेड्डी, प्रियंका कोठारी, गौतम रोडे, रासिका दुग्गल, इश्तेयाक खान, इशरत अली, रवि काले, हॉवर्ड, काली प्रसाद मुखर्जी, जॉय फर्नांडिस।

रेटिंग - 2.5

क्यों देखें - यदि रहस्य और सस्पेंस का थोड़ा बहुत शौक हो

क्यों न देखें - यदि कोई मनोरंजक और एक्शन फिल्म की उम्मीद रखते हो

रामगोपाल वर्मा की बाकी फिल्मों की तरह यह फिल्म भी अपने आप में रहस्य का खजाना है। फिल्म की खासियत की बात करें तो इसमें भूत नहीं है ना ही किसी तरह के अंधविश्वास को जगह दी गई है। आधुनिक थ्रिल के प्लॉट पर फिल्म की कहानी रोमांच के साथ रहस्य के ताने बाने पर बुनी गई है। फिल्म में खास कैमरा एंगल और एडिटिंग के जरिए खासा इफेक्ट पैदा करने की कोशिश की गई है जो फिल्म की यूएसपी बन सकती है। इसके लिए सिनेमेटोग्राफर सुरजोदीप घोष को क्रेडिट दिया जाना चाहिए।

फिल्म में घने जंगल और उसके शॉट्स पर बेहतरीन साउंड इफेक्ट्स असर पैदा करते हैं। युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई इस फिल्म में आरजीवी ने अपनी स्टाईल का तड़का दिया है। फिल्म की कहानी में चलती है एक फिल्म की शूटिंग जिसे घने जंगल में फिलमाया जाना है। अपने क्रू के साथ डॉयरेक्टर जंगल में जाते हैं जहां उनके साथ कुछ ऐसा घटता है कि फिल्म में रामू इफेक्ट आने लगता है। फिल्म में थ्रिल है लेकिन रामू दर्शकों को डरा नहीं पाएंगे। कुछ सीन्स चौंकाते हैं लेकिन दहशत और डर जैसा फिल्म में कुछ नहीं।

निशा से प्रियंका कोठारी बनीं रामू की हिरोइन एक्सपोज करने के अलावा अदाकारी के साथ कुछ खासा नहीं कर पाई, नए नवेले हीरो भी औसत दर्जे की एक्टिंग कर पाए। फिल्म के किरदारों को स्थापित करने में काफी समय बरबाद किया गया है। फिल्म में मर्डर से पैदा किया गया रहस्य ही इंटरवल के बाद दर्शकों को वापस लौटने पर मजबूर करता है। कम बजट की इस फिल्म के प्रमोशन के लिए रामू ने खासी मशक्कत नहीं की। फिल्म से औसत व्यवसाय की उम्मीद की जा सकती है।

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किडल्ट लव स्टोरी में एडल्ट खुमारी

फिल्म - तेरे संग

डॉयरेक्टर - सतीश कौशिक

कलाकार - रूसलन मुमताज, शीना शाहबादी, सतीश कौशिक, सुष्मिता मुखर्जी, रजत कपूर, नीना गुप्ता, अनुपम खेर।

रेटिंग - 3.5

क्यों देखें - समाज की समस्या,टीनएजर्स और चटपटे मनोरंजन के लिए हल्की फुल्की फिल्म देखना हो तो

क्यों न देखें - अगर गंभीर से मुद्दे पर कोई हाई फाई फिल्म या फिर कुछ ज्यादा ही स्पेशल मनोरंजन की आस लगा रहे हो

कई सारे बड़े और उम्दा दर्जे के कलाकार, फिल्म का ज्वलंत विषय फिल्म के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। फिल्म के ट्रेलर किसी और को सिनेमा हॉल तक ले जाएं या न ले जाएं टीनएजर और उनके पालकों को हो सकता है इस ओर मोड़ दे। फिल्म में अनुमप खेर, रजत कपूर और सतीश कौशिक जैसे मंजे हुए कलाकारों ने खासा प्रभाव छोड़ने की कोशिश की है। सतीश कौशिक की यह फिल्म कहानी है एक किडल्ट लव स्टोरी, जिसमें दो टीनएजर लव स्टोरी से अपनी कहानी शुरू करते हैं और प्रेगनेंसी पर उनकी कहानी किड से एडल्ट हो जाती है।

फिल्म अनुपम खेर की क्या कहना की तरह की कहानी है पर दोनों में कोई और समानता नहीं। काफी सारी ताजगी और सिंपल स्टोरी फिल्म में खासा मनोरंजन पैदा करती है। विषय के साथ ही उसके आसपास बुना गया प्लाट फिल्म से दर्शकों को जोड़े रखता है। काफी कुछ समाज का प्रतिबिंब है लेकिन कहीं कहीं बात गले नहीं उतरती जिसे सिनेमेटिक लिबर्टी कहा जा सकता है। फिल्म की नई हिरोइन शीन फ्रेश लग रही हैं वहीं हीरो चॉकलेटी हैं। फैमेली के साथ फिल्म देखी जा सकती है अगर ....। नीना गुप्ता अपने अभिनय में हमेशा की तरह नैचुरल लगी हैं। फिल्म में बहुत कुछ हजम करने जैसा है तो काफी कुछ दर्शकों को नागवार भी लग सकता है।

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