मुंबई. सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में जब सारी दुनिया इंटरनेट पर सिमट कर रह गई है। लोगों के लिए कई-कई पासवर्ड याद रखना आसान नहीं रह गया है। राहुल सिंह एक फाइनेंशियल सर्विस प्रोफेशनल हैं और उन्होंने हाल ही में ऑनलाइन टैक्स रिटर्न भरा है। इस पूरी प्रक्रिया में उन्हें तीन पासवर्ड याद रखने पड़े। पहला- लॉग इन करने के लिए, दूसरा- सुरक्षा संबंधी प्रoA का उत्तर देने के लिए और तीसरा- अपना दस्तावेज खोलने के लिए।
अगर इतना काफी होता तो भी गनीमत थी। सिंह को इनके अलावा इंटरनेट, फोन बैंकिंग, डीमैट, ईमेल, सोशल नेटवर्किग और शॉपिंग साइट्स तथा एटीएम के पासवर्ड भी याद रखने होते हैं। सिंह कहते हैं, ‘‘जैसे-जैसे पैसे के ऑनलाइन लेनदेन का चलन बढ़ता जा रहा है वैसे-वैसे रोज-रोज नए पासवर्ड याद रखने का एक चुनौती बनता जा रहा है।’’ पेशेवर कलाकार सुचिता मेनन कहती हैं,‘‘हर बैंकिंग वेबसाइट के पासवर्ड संबंधी अपनी अलग-अलग नियम कायदे हैं। इसलिए हर जगह एक ही पासवर्ड का इस्तेमाल भी नहीं किया जा सकता।’’ ऐसे में सवाल यह उठता है कि आखिर इन ढेर सारे पासवर्ड को कैसे याद रखा जाए।
उपाय हैं मगर आसान नहीं
1. एचडीएफसी बैंक के मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी विशाल साल्वी ने सुझाव दिया, ‘‘ ऐसे कई उपाय हैं जो पासवर्ड को याद रखने में मदद करते हैं। ऐसे ही एक सॉफ्टवेयर का नाम है वाल्ट लेकिन हमें उसे डाउनलोड करना पड़ेगा। इसके अलावा सभी पासवर्ड को एक डॉक्युमेंट में लिखकर उसे पासवर्ड में सुरक्षित भी किया जा सकता है। ’’
2. कुछ बैंक अपने उपभोक्ताओं को एक ऐसा यंत्र भी देते हैं जो हर 16 सेकेंड में एक पासवर्ड तैयार करता है। इन पासवर्डस का इस्तेमाल ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में किया जा सकता है। अगर यह यंत्र किसी तरह खो भी जाए तो भी ग्राहक का मूल पासवर्ड और यूजरनेम सुरक्षित रहता है। ई-कॉमर्स सॉल्युशंस कंपनी इलेक्ट्रा-कार्ड सर्विसेज के प्रमुख जोस थाट्टिल के मुताबिक इस डिवाइस को रखना भी आसान काम नहीं है क्योंकि अगर आपके पास छह बैंकों में खाते हैं तो आपको हमेशा छह डिवाइस अपने पास रखना होंगी।
3. वेरीसाइन इंडिया नामक कंपनी मोबाइल फोन के लिए मुफ्त डाउनलोड करने योग्य अप्लीकेशन उपलब्ध कराती है। यह छह अंकों वाले पासवर्ड तैयार कर सकता है।
4. सुरक्षा प्रौद्योगिकी उपलब्ध कराने वाली एक अन्य कंपनी एक्के मैजिक ने वॉयस रिकार्डिग सॉल्युशन उपलब्ध कराया है जिसके तहत जब भी किसी ग्राहक के कार्ड का उपयोग किया जाता है तो उसके मोबाइल पर कॉल आता है। ऐसे में उपभोक्ता अपने मोबाइल पर 9 दबाकर इस उपयोग की स्वीकृति दे सकता है या फिर 1 दबाकर उसे निरस्त कर सकता है। कंपनी के व्यापार परिचालन प्रमुख जोयेश संपत ने कहा, ‘‘अगर उस व्यक्ति का मोबाइल बंद है या फिर वह जवाब नहीं देता तो ऐसे में ट्रांजेक्शन रद्द हो जाता है और कार्ड धारक के पास एक एसएमएस भेजा जाता है।
’’विशेषज्ञों की राय है कि बैंक महंगी होने के कारण अभी इन तकनीकों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं और जब तक ऐसा नहीं हो जाता लोगों के पास पासवर्ड याद रखने के अलावा कोई दूसरा चारा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगले 5-10 वर्षो में सुरक्षा के नए तरीके आ जाएंगे और पासवर्ड का चलन ही खत्म हो जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक एक और तरीका यह भी हो सकता है कि पासवर्ड के स्थान पर अंग्रेजी कहावतों आदि के रूप में पास-फ्रेज का इस्तेमाल किया जाए जिन्हें याद रखना आसान होता है और हैक करना मुश्किल।