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SUNDAY SPECIAL: देखिए अंतरिक्ष के विहंगम दृश्य
भास्कर डॉट कॉम Sunday, August 09, 2009 10:57 [IST]  

हमारा अंतरिक्ष अजूबों से भरा है। इसके रंग को ही देखें तो धरती से देखें तो यह हमें नीले रंग का दिखता है और यदि इसे अंतरिक्ष से देखा जाए तो काले रंग का दिखता है। यह तो हुई नंगे आंखों से देखने की बात, लेकिन अंतरिक्ष में मौजूद इन्हीं तारों तथा आकाशगंगाओंे के समूह को बड़ी-बड़ी दूरबीनों व एक्सरे ऑब्जरवेटरी की मदद से देखें तो हमें कुछ अनोखी छवि दिखाई देती है।



अभी तक इस तरह के विशेष चित्र आम जनता के लिए उपलब्ध नहीं थे, परंतु नासा ने अपने चंद्रा एक्सरे ऑब्जरवेटरी के प्रक्षेपण के दस साल पूरे होने के अवसर पर कुछ ऐसे चुनिंदा चित्र जारी किए हैं, जिन्हें देख आम जनता भी अंतरिक्ष की मनोरम दुनिया का अनुमान लगा सकती है।



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चित्र 1 देखिए इगले नेबुला नामक तारों के समूह के केंद्रीय भाग का विहंगम दृश्य, इगले नेबुला के इसी भाग में नए तारों का जन्म होता है। इस समूह के किशोर तारों से निकलने वाले एक्सरे की मदद से चंद्रा एक्सरे ऑब्जरवेटरी ने यह चित्र लिया है।




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चित्र 2 हर तारे की एक आयु होती है और जब सूर्य के आकार या इससे बड़े आकार के तारे की आयु पूरी होती है तो वह एक विस्फोट के साथ खत्म होता है, इसी विस्फोट को सूपरनोवा कहते हैं। देखिए एक ऐसे ही सूपरनोवा केसीओपिआ का विहंगम दृश्य।



यह चित्र नासा के तीन ऑब्जरवेटरी की सहायता से बना है। इसमें लाल रंग के इन्फ्रारेड डाटा का संग्रह स्पीटजर टेलिस्कोप से, पीले रंग के ऑप्टिकल डाटा हब्बल स्पेस टेलिस्कोप से तथा हरे तथा नीले रंग के एक्सरे डाटा चंद्रा एक्सरे ऑब्जरवेटरी की मदद से लिए गए हैं।



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3 सरकुलर सुपरनोवा रेमनन्ट या आरसीडब्ल्यू 86 के एक भाग का चित्र। यह भाग एक तारे में हुए विस्फोट के बाद बचा अवशेष है। ऐसा माना जाता है कि यह विस्फोट 185 वीं इस्वी में हुआ था, जिसका चीनी अंतरिक्ष विज्ञानियों ने अध्ययन किया था।



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4 कैसिओपिआ नामक तारे के समूह में स्थित एक तारे के में हुए विस्फोट के बाद बचा अवशेष कैस ए। इस तारे में करीब 300 साल पहले जोरदार विस्फोट हुआ था, जिसका मलबा दस प्रकाश वर्ष की दूरी तक फैल गया। विस्फोट के बाद भी इसक ी सतह का तापमान 50 मिलियन डिग्री सेल्सियस है।



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5 चंद्रा एक्सरे ऑब्जरवेटरी से लिया गया आकाशगंगा एम 82 का खूबसूरत चित्र। एक आकाशगंगा में करोड़ों तारे होते हैं, इसके साथ ही इनमें हाइड्रोजन गैस के बादल होते हैं। इस तरह तारों के समूह में होने के कारण रौशनी की विशाल पूंज निकलती है, जिससे इस प्रकार के मनोरम दृश्य बनते हैं।



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6 जी नहीं यह धुंए का गुबार नहीं है। यह भव्य दृश्य है एक तारामंडल के अंदर स्थित इलेक्ट्रॉन और पॉज्रिटॉन के तूफान से बने भंवर का। इसमें दोनों कण एक्सरे रिंग के चारों ओर चक्कर काट रहे हैं।



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7 यह चित्र अपनी ही आकाशगंगा मिल्की-वे के केंद्रीय भाग का है। 130 प्रकाशवर्ष की दूरी में फैले इस भाग के चित्र में जो धब्बे दिखाई दे रहे हैं, वो न्यूट्रॉन स्टार्स, ब्लैक होल, व्हाइट ड्वाफ्र्स और तारों से निकलने वाले एक्सरे किरणों की चमक के कारण बने हैं।



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8 मेडुसा आकाशगंगा के केंद्रीय भाग का लिया गया चित्र। सांप जैसे आकृति के कारण इससे जुड़े कई मिथ यूनान के लोगों में प्रचलित था।



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9 यह शानदार चित्र है पृथ्वी से 280 मिलियन दूर स्थित स्टीफ न्स क्यूइनटेट नामक आकाशगंगाओं के समूह का। इसे 130 साल पहले खोजा गया था।

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Comments
O.N.Hazri
Tuesday, 11th Aug 2009, 5:45
exepnationally butiful.



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