टोरंटो. आमतौर पर सोशल नेटवर्किग साइट्स दोस्ती बढ़ाने में काम आती हैं, लेकिन इन दिनों इसी की वजह से दोस्तों में दरार और संशय की स्थिति पैदा हो गई है। ग्यूलिप यूनिवर्सिटी की एमी म्यूज, एमिली क्रिस्टोफाइड्स और सर्ज डैसमेरिज ने एक सर्वे में पाया कि युवा अपना जितना समय सोशल साइट्स पर बिताते हैं, उतना ही अपने रोमांटिक पार्टनर के प्रति जलन महसूस करते हैं।
लोग अपने मित्रों की गतिविधियों की जानकारी लेने उनसे जुड़े सबूत एकत्र करने के लिए घंटों कंप्यूटर बिताते हैं। इसका प्रभाव यह पड़ रहा है कि उनमें ईष्या और बदले की भावना बढ़ रही है। इस विषय पर किए गए एक अध्ययन से खुलासा होता है कि जितना समय हम इन साइटों पर बिताते है उतनी ही हमारी ईष्या की भावना बलवती होती जाती है।
कनाडा में मनोवैज्ञानिकों की एक टीम ने इस पर एक अध्ययन प्रकाशित किया है। इसमें इस बात पर रोशनी डाली गई है कि क्या सोशल नेटवर्किग साइट्स ईष्या की भावना को बढ़ाती हैं? शोधकर्ताओं ने इस ऑनलाइन खोजी व्यवहार पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि जरूरत से ज्यादा जानकारी एक बड़ी समस्या है और सोशल नेटवर्किग साइट का इस्तेमाल करने वाले इसका एक उदाहरण हैं।
नकारात्मक हो रहा हैं व्यवहार
हम जितना समय साइट्स पर बिताते हैं उतना ही हमारे व्यवहार में नकारात्मक बदलाव आता है। एक बात और सामने आई है कि बजाय इसके कि शांत रहे हम लोग और सूचना की तलाश की में समय खर्च करते हैं। इस बारे में ‘साइबरसाइकोलॉजी एंड बिहेवियर’ में लेख प्रकाशित हुआ है।