‘‘मेरा मन तो पूरी तरह इंडियन हो गया है‘‘
भास्कर नेटवर्क Monday, August 10, 2009 16:16 [IST]  

कैटरीना कैफ़ की गाड़ी बॉलीवुड की पटरी पर ऱफ्तार पकड़ने लगी है। इंडस्ट्री का रुख समझ चुकी कैफ़ हर रोज पैदा होने वाले यहां के फ़िजूल विवादों से बचकर ही रहना चाहती हैं और फिलहाल सिर्फ़ अपनी तारीफ़ें सुनकर ही ख़ुश रहना चाहती हैं..



अभिनय के साथ-साथ कैटरीना कैफ़ अब फिल्म निर्माण में भी उतरना चाहती हैं। एक तरह से देखें, तो वे धीरे-धीरे फिल्म इंडस्ट्री में अपना दायरा बढ़ा रही हैं। लंदन से आई यह अभिनेत्री आज हिंदी फिल्मों में चर्चित है। वे विवादों से दूर ही रहना चाहती हैं। यही वजह है कि हाल में ‘न्यूयॉर्क’ की सफलता के बाद, जब उन्हें किसी ने नंबर एक नायिका कहा, तो वे नाराज हो गईं- ‘प्लीज, इस तरह का सर्टिफिकेट मत दीजिए।’ इस मुलाक़ात के दौरान कैटरीना ने माना कि अब उनका मन पूरी तरह से भारतीय हो चुका है। पेश है, उनसे हुई बातचीत-



पिछले दिनों ‘दे दनादन’ की शूटिंग के दौरान आपको चोट लग गई थी!



एक छोटा-सा एक्सीडेंट था। नॉर्मल फस्र्ट-एड लेने के थोड़ी देर बाद मैंने शूटिंग शुरू कर दी। शूटिंग के दौरान इस तरह के छोटे-मोटे एक्सीडेंट तो होते रहते हैं।
मगर इंडस्ट्री में किसी स्टार के साथ हुए एक्सीडेंट को बहुत हाइप किया जाता है! यह तो मीडिया का मामला है। हम तो इसके बाद सिर्फ़ डॉक्टर की बात मानते हैं। ज्‍यादातर एक्टर तो यही चाहते हैं कि इस कारण उनकी फिल्म की शूटिंग न रुके। निर्माता का नुकसान न हो।



फिर भी कई निर्माता स्टार के असहयोगी रुख की शिकायत करते हैं!



मैं उनके बारे में कैसे कोई कमेंट कर सकती हूं! जहां तक मेरा सवाल है, अपने हर प्रोडच्यूसर के साथ मैंने एक भरोसे का रिश्ता बनाकर रखा है। कोई बड़ी समस्या न हो, तो मैं हमेशा यही चाहती हूं कि कम से कम मेरी वजह से कोई शूटिंग कैंसिल न हो। ‘युवराज’ की शूंिटंग के दौरान सुभाष घई को पता चला कि मुझे फीवर है, तो वे मुझ पर बहुत नाराज़ हुए थे और शूटिंग पैचअप कर दी थी।



अब तो आप ख़ुद फिल्म मेकिंग में उतरने वाली हैं!



सॉरी, मैं कोई रेगुलर प्रोडयूसर नहीं बनने वाली हूं। पिछले दिनों मैंने एक फ्रेंच फिल्म देखी थी। इस जबर्दस्त हिट फिल्म का मैं नाम नहीं लेना चाहती, क्योंकि मैं इसे ख़ुद बनाना चाहती हूं। अभी इसके राइट्स ख़रीदने की बात चल रही है।



आपको इस समय नंबर वन नायिका कहा जा रहा है!



ऐसी बातों को सुन या पढ़कर मैं ज़रा भी ख़ुश नहीं होती हूं। मेरी फिल्में चलें और मेरे काम की तारीफ़ हो, मेरी असली ख़ुशी यही है।



‘न्यूयॉर्क’ की सफलता को कैसे सेलीब्रेट किया?



फिल्म से जुड़े लोगों को बधाई दी है। मुझे अब भी पर्सनली ढेरों बधाइयां मिल रही हैं। एक अच्छी बात यह हुई है कि इस बार मेरे अभिनय को भी नोटिस किया गया है।



कुछ निगेटिव रिमार्क भी मिले होंगे!



बिना इसके तो कुछ मज़ा नहीं आता है। तारीफ़ के साथ-साथ बुराई भी होनी चाहिए। कुछ क्रिटिक ने मेरे लुक को लेकर काफ़ी आलोचना की है। कुछ का कहना है कि फिल्म के कुछ इमोशनल सीन को मैं और अच्छा बना सकती थी। मैंने हर कमेंट को बहुत सहजता से लिया है। आगे मैं इन पर और •यादा वर्क आउट करूंगी। सवाल पर्सनल न हो, तो स्वस्थ आलोचना का मैं हमेशा सम्मान करती हूं।



आप ख़ुद भी दूसरों के बारे में कमेंट्स करने लगी हैं!



दूसरे के बारे में मेरे कमेंट हमेशा पॉजिटिव होते हैं। हां, मेरे कॉमन कमेंट को मीडिया ज़रूर पर्सनल बना देता है।



करीना के बाद आपने हाल में प्रियंका की भी तारीफ़ की है!



‘फ़ैशन’ में उसका काम शानदार था। वह सभी की तारीफ़ की हक़दार है। जहां तक करीना का सवाल है, वे बेहतरीन एक्ट्रेस हैं। उनसे मैंने काफ़ी कुछ सीखा है।



‘कंब़ख्त इश्क़’ में उनके काम के बारे में आप क्या कहेंगी?



हमेशा की तरह उसने अच्छा काम किया है। असल में अब वह उस मक़ाम पर है, जहां अपने हर काम को बेहतर अंजाम दे देती है।



आप हर बात का ज़रूरत से ज्‍यादा संभल कर जवाब देती हैं!



मेरा शुरू से ही यही रवैया रहा है। बेवजह किसी को क्रिटिसाइज़ करना और कंटोवर्सी में रहना मुझे पसंद नहीं है। मैं अपने आप में ज्‍यादा गुम रहना चाहती हूं।



राजकुमार संतोषी की फिल्म ‘अजब प्रेम की ग़जब कहानी’ के बारे में क्या कहना चाहेंगी?



एक मजेदार रोमांटिक स्टोरी है। इसका सीरियस करेक्टर भी आपको थोड़ा-सा कॉमिक लगेगा।



इधर सलमान के बारे में कुछ भी नहीं बोलना चाहती हैं!



सल्लू मेरे अच्छे दोस्त हैं, इसे और कितनी बार घुमा-फिराकर बोलूं।

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