पुणे. शहर के एक यूरोलॉजिस्ट ने किडनी में होने वाली पथरी के इलाज की हर्बल दवा बनाई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है। हर्ब-मेड नाम की यह दवा पथरी को गला देती है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुरेश पाटनकर ने यह दवा पथरी रोधी आयुर्वेदिक दवा ‘वरुण’ और केले के तने से बनाई है। इसमें जलगांव जिले में पाए जाने वाले केले की ग्रैंड 9 प्रजाति के तने का उपयोग किया गाय है। यह दवा खारे पाने में से लवणों को निकालकर उसे पीने योग्य मीठा पानी बनाने वाले शुद्धीकरण संयंत्र की तरह काम करती है।
पाटनकर के मुताबिक दवा के क्लिनिकल ट्रायल में अच्छे नतीजे सामने आए हैं। केंद्रीय विज्ञान व प्रौद्योगिकी मंत्रालय के विज्ञान व औद्योगिक शोध विभाग ( डीआईएसआर) ने पाटनकर की शोध गतिविधियों के लिए साढ़े सात लाख रुपए का अनुदान दिया है। यह दवा पहले तो पथरी का आकार छोटा करती है और फिर उसे गलाकर मूत्र के सहारे शरीर से बाहर निकाल देती है। उन्होंने बताया, ‘77 रोगियों पर किए गए तीसरे चरण के ट्रायल में पथरी के आकार में कमी आई। इससे बिना किसी दर्द के पथरी से मुक्त होने में मदद मिली।’
पाटनकर ने 2003 में प्रयोगों की शुरुआत की थी और उन्हें फाम्यरूलेशन के लिए अस्थाई पेटेंट भी मिल गया है। डीएसआईआर द्वारा नियुक्त एक अधिकारी ने उनके शोध की जांच भी की है। पाटनकर ने दावा किया कि शोध ठोस वैज्ञानिक आधार पर किया गया है और दूसरे चरण के नतीजे ‘जर्नल ऑफ अल्टरनेटिव एंड कांप्लिमेंट्री मेडिसिन इन यूएसए’ तथा डीएसआईआर के वार्षिक गजट में प्रकाशित हुए हैं। मुंबई की फर्म एक्सपोर्ट नेचरल ने इस दवा का निर्यात करने का फैसला किया है। तीसरे चरण के ट्रायल में दवा को और कारगर तथा इसे अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के अनुसार मानक बनाने पर ध्यान दिया जाएगा।