लखनऊ. नियमित अंतराल पर हवन कराने से घर बैक्टीरिया से मुक्त रहता है और लोग स्वस्थ रहते हैं। यह दावा राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान (एनबीआरआई) के वैज्ञानिकों ने अपने अध्ययन में किया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हवन के धुएं से न केवल हवा में पैदा होने वाले बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं, बल्कि संक्रामक रोगों की संभावनाएं भी घट जाती हैं।
अध्ययन में हवन के वास्तविक प्रभाव को जानने के लिए प्रोफेसर चंद्रशेखर नौटियाल, पुनीत सिंह चौहान और एशियन एग्री-हिस्ट्री फाउंडेशन के सदस्य यशवंत लक्षमण नेने सहित एनबीआरआई की टीम ने हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी फार्मेसी से लाई गई पांच दर्जन से अधिक सुगन्धित जड़ी बूटियों के मिश्रण को एक बंद कमरे में जलाया था।
प्रो. नौटियाल ने बताया, ‘प्रयोग के बाद यह पाया गया कि अकेले लकड़ी जलाने से कमरे में बैक्टीरिया की संख्या में कोई कमी नहीं आई थी, लेकिन जड़ी बूटियों के धुएं से 94 प्रतिशत बैक्टीरिया कम हो गए थे।’
एथनोफार्माकोलॉजी की पत्रिका ‘साइंस डायरेक्ट’ में प्रकाशित इस अध्ययन के संबंध में नौटियाल ने बताया, ‘जलती हुई लकड़ी और औषधीय जड़ी-बूटियां (हवन सामग्री) प्रभावी रूप से हवा में रोगजनकों का खत्म कर सकते हैं।’
उन्होंने बताया, ‘जैसे कि वेदों में भी उल्लेख किया गया है कि आग में हवन सामग्री मिलाकर पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए साधु अग्निहोत्र यज्ञ करते थे।’