Science Tech
विपरीत दिशा में घूमने वाला ग्रह मिला
भास्कर नेटवर्क Tuesday, August 18, 2009 00:45 [IST]  

Planet खगोलशास्त्रियों ब्रम्हांड का अब तक का सबसे बड़ा ग्रह खोज लेने का दावा कर रहे हैं, जो अपने तारे के घूर्णन की विपरीत दिशा में परिक्रमा कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह ग्रह बृहस्पति से आकार में दोगुना बड़ा है। जो हमारे सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है।



ये बृहस्पति से दोगुना तो है लेकिन इसका वजन बृहस्पति का आधा ही है और इसका घनत्व एक्पांडेड पॉलीस्टायरीन की तरह है। यह अपने तारे से केवल 4.3 मिलियन मील दूर है, जो बुध और सूर्य की दूरी की तुलना में आठ गुना कम है। यह 3.7 दिनों में एक चक्कर लगा लेता है। इस ग्रह को डब्ल्यूएएसपी-17 नाम दिया गया है क्योंकि यह यूके यूनिवर्सिटी की वाइड एरिया सर्च फॉर प्लेनेट (डब्ल्यूएएसपी) द्वारा रिकॉर्ड किया गया सौर मंडल के बाहर 17वां ग्रह है।



हजारों तारों की मॉनिटरिंग



डब्ल्यूएएसपी कार्यक्रम के तहत हजारों तारों को मॉनिटर किया जाता है और उनका प्रकाश के कम होने का अध्ययन किया जाता है। जिससे पता चलता है कि कोई प्लेनेट उसके सामने से गुजर रहा है। इस खोज को इसलिए भी अहम माना जा रहा है कि इससे गैस और धूल के एक गोले के प्लेनेटरी सिस्टम में बदलने और विकसित होने को प्रक्रिया को जानने में मदद मिलेगी।



1000 प्रकाश वर्ष दूर



कीले यूनिवर्सिटी के एस्ट्रोनॉमर डेविड एंडरसन के अनुसार यह पृथ्वी से 1000 प्रकाश वर्ष दूर स्कॉपियस के नक्षत्र में स्थित है। इस काम में उन्हे स्विट्जरलैंड और साउथ अफ्रीका की टीमों ने मदद की। डेविड ने एस्ट्रोफिजिकल जर्नल को बताया कि इसका अलग दिशा में चक्कर लगाने का कारण इसके पास से गुजरी बड़ी खगोलीय काया है। जिसके गुरुत्वाकर्षण से इसकी दिशा 150 डिग्री तक बदल गई। उन्होंने कहा कि नए बने सोलर सिस्टम्स एक हिंसक स्थान हो सकते हैं। हमारा चांद तब बना था जब मंगल के आकार का एक ग्रह पृथ्वी से टकराया था।

Bookmark and Share


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड:
 
  • ..और ये विधाता बनने पर आमादा हैं
  • चोरी नहीं जाएगी साइकिल
  • सेंसर बताएगा ज्वालामुखी के राज
  • सेंसर बताएगा ज्वालामुखी के राज
  • कृत्रिम जीवन का श्रीगणेश!
  • ब्लॉग की लागी छूटे ना
  • चंद्रमा पर पानी की खोज में इसरो-नासा एकसाथ
  • क्या हमने सबसे तेज दौड़ देखी ली?
  • धूमकेतु में जीवन!
  • ब्रिटेन के ज्यादा करीब हैं यूएफओ
  • विपरीत दिशा में घूमने वाला ग्रह मिला
  • घर से बैक्टीरिया दूर भगाता है हवन का धुआं
  • अद्भुत नजारा: एक सीध में नजर आएंगे शनि के वलय
  • अब भारत की निगाहें मंगल पर
  • गूगल का कैफीन होगा सबसे तेज सर्च इंजन
  • बच्चें जितने तेज होते हैं कुत्ते
  • सोशल नेटवर्किंग के ‘साइड इफेक्ट’
  • भारत की रक्षा को तौनात होंगे सात उपग्रह
  • इतने पासवर्ड आखिर कैसे याद रखे कोई
  • विवाद के बीज, विवाद के बीच
  • Sunday Special : पॉलीग्राफ टेस्ट की सच्चाई
  • सुदूर अंतरिक्ष से पृथ्वी के नजारे
  • अहा। यह कौन चित्रकार है ?
  •