न्यूयॉर्क. अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने पहली बार धूमकेतु में अमीनो अम्ल खोज निकालने का दावा किया है। इस खोज के आधार पर उनका कहना है कि पृथ्वी पर जीवन के शुरुआती दौर में कुछ तत्व अंतरिक्ष से भी आए होंगे। अमीनो अम्ल जीवन के लिए महत्वपूर्ण है। ये प्रोटीन का आधार तत्व है, जिनसे कोशिकाएं बनती हैं।
विज्ञान पत्रिका ‘न्यू साइंटिस्ट’ के मुताबिक इससे पहले पृथ्वी पर गिरे उल्का पिंडों में अमीनो अम्ल पाया गया था, लेकिन यह पहला मौका है जब नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के वैज्ञानिकों ने अंतरिक्ष में धूमकेतु में ‘ग्लाइसिन’ नाम के अमीनो अम्ल की मौजूदगी का पता लगाया है।
अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के दल की प्रमुख जैमी एल्सिया का कहना है, ‘भले ही यह बहुत आश्चर्यजनक खोज न हो, लेकिन अंतरिक्ष में पहली बार अमीनो अम्ल का पता लगना काफी संतोषजनक है।’ अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के मुताबिक, जीवन की शुरुआत में पृथ्वी पर धूमकेतु और छुद्रग्रहों की बौछार हुई थी।
इस तरह वर्तमान खोज से पुष्टि होती है कि इनके साथ ही धरती पर जीवन के लिए जरूरी अमीनो अम्ल आए थे। नासा ने अपने एक यान को 2004 में ‘स्टारडस्ट मिशन’ पर रवाना किया था। यह यान पांच किमी लंबे वाइल्ड-2 धूमकेतु की पट्टी से गुजरा था। धरती पर आने पर यान द्वारा इस पट्टी से एकत्र धूल कणों के नमूनों के अध्ययन में धूमकेतु में अमीनो अम्ल की मौजूदगी का खुलासा हुआ।