अगर आप फिटनस के लिए जिम जॉइन कर रहे हैं, तो जिम में कार्डियोवैस्कुलर वर्र्कआउट के लिए ट्रेडमिल, साइकल, क्रॉस ट्रेनर जैसी मशीनें ज़रूर होनी चाहिए।
अगर आपको कार्डियक, डायबिटीज़, हाई/लो ब्लड प्रैशर, एपिलैप्सी, आर्थराइटिस, स्लीप एप्निया, अस्थमा, स्किन एलर्जी इत्यादि की समस्या है, तो डॉक्टर से सलाह करके जिम जॉइन करें। अपनी बीमारी की जानकारी जिम इंस्ट्रक्टर और फिज़ियोथैरेपिस्ट को ज़रूर दें।
जिम इंस्ट्रक्टर की सुपरविज़न में ही वर्क आउट करें। उससे अपने एक्सरसाइज़ प्लान की पूरी जानकारी लें। ज़रूरत से •यादा एक्सरसाइज़ आपके शरीर को नुक़सान पहुंचा सकती है। इससे घुटने, टखने और लोअर बैकबोन कमज़ोर हो सकती है।
यदि आप अनैमिक हैं, तो वर्क आउट के दौरान आपको चक्कर आ सकते हैं, सांस फूलने लगती है, एनर्जी लैवल कम हो जाता है, जिस कारण वर्क आउट पूरा करने से पहले ही आप थक जाएंगे। इसलिए एक्सरसाइज़ से क़रीब एक घंटा पहले हल्का-सा नाश्ता ज़रूर कर लें। एक्सरसाइज़ के दौरान थोड़ा-थोड़ा पानी या अपना एनर्जी ड्रिंक पीते रहें। भोजन में आयरन युक्त खाद्य पदार्थो को शामिल करें। डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।
वर्क आउट के दौरान इंस्ट्रक्टर से यह जानते रहें कि जो एक्सरसाइज़ वो करवा रहे हैं, उसका क्या फ़ायदा है और उससे आपके शरीर के किस हिस्से को क्या लाभ होगा।
अपने इंस्ट्रक्टर को अपनी डाइट के बारे में बताएं। यह भी वर्कआउट रिजीम सेट करने में मदद करता है।
अगर आपको जिम जाकर वर्कआउट करना बोरिंग लगता है, तो इसके लिए आपको क्रिएटिव होना पड़ेगा। अपनी एक्सरसाइज़ की रूटीन में नई चीज़ें जोड़ें। अपनी एक्टिविटीज़ में वरायटी रखें, ताकि उसमें आपकी रुचि बनी रहे। किक बॉक्सिंग, पावर योगा, एरोबिक्स और डांस क्लास भी आपके लिए अच्छा ऑप्शन हो सकती हैं। अपने साथ वर्कआउट करने के लिए एक दोस्त को तैयार करें या वहीं नए दोस्त बना लें, ताकि आप एक्सरसाइज़ का व़क्त भी एंजॉय कर सकें।
-अमरदीप (जिम इंस्ट्रक्टर)