मेलबोर्न. उच्च शिक्षा के लिए अपने यहां आने के इच्छुक छात्रों की बढ़ती संख्या को थामने के लिए आस्ट्रेलिया सरकार अपनी वीजा नीति को सख्त करने जा रही है। यह कदम छात्रों के वीजा आवेदनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए उठाया जा रहा है ताकि योग्य और पात्र विद्यार्थी ही यहां शिक्षा ग्रहण करने आ सके।
इस कवायद के तहत आव्रजन और नागरिक विभाग छात्रों के वीजा आवेदनों की सख्ती से जांच कर रहा है। यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि आस्ट्रेलिया में रहने तथा अध्ययन के इच्छुक छात्र वित्तीय रूप से सक्षम हों। इस कदम से उन विदेशी छात्रों पर लगाम लग सकेगी जो शिक्षा के नाम पर आस्ट्रेलिया आते हैं और अकुशल श्रमिक के रूप में काम करने लगते हैं।
आव्रजन और नागरिक मंत्री क्रिस इवांस ने कहा कि वर्ष 2008 09 में छात्रों के वीजा आवेदनों की संख्या 20 प्रतिशत बढ़कर लगभगर तीन लाख 62 हजार हो गई। इनमें से 28 हजार छात्रों को वीजा देने से मना कर दिया गया। इस कदम से दस्तावेजों से संबंधी धोखाधड़ी मामलों में कमी आएगी। साथ ही आर्थिक हालातों का पता चलेगा। साक्षात्कार कार्यक्रम में धोखाधड़ी की गतिविधियों वाले एजेंटों की भूमिका की भी जांच हो सकेगी।
फरार भारतीय छात्र के पीछे लगी पुलिस
मेलबोर्न. आस्ट्रेलिया पुलिस उस भारतीय छात्र को पकड़ने के प्रयास में है, जो यहां एक किशोर को अपनी कार से कुचलकर फर्जी पासपोर्ट के जरिये भारत भाग गया। पुलिस के मुताबिक पिछले वर्ष अक्टूबर में मध्य मेलबोर्न में भारतीय छात्र पुनीत की कार से आस्ट्रेलियाई छात्र डीन हॉफ्सटी कुचल गया। हादसे के समय पुनीत कथित तौर पर नशे की हालत में था।