ओपी दत्ता ने हाल ही में एक भक्ति एलबम के लिए कुछ गीत लिखे हैं। बताते हैं कि उन्होंने इन गीतों के बदले में एक भी पैसा नहीं लिया है।
फिल्मकार जेपी दत्ता के पिता ओपी दत्ता लंबे अंतराल के बाद दोबारा सक्रिय हो गए हैं। खबर है कि उन्होंने एक धार्मिक एलबम के लिए कुछ गीत लिखे हैं। इसके लिए उन्होंने एक भी पैसा नहीं लिया है। इन गीतों को रूपकुमार और सोनाली राठौर ने अपनी आवाज दी है। गौरतलब है कि ओपी दत्ता ने ‘बॉर्डर’, ‘रिफ्यूजी’, ‘एलओसी : कारगिल’ जैसी फिल्मों की कहानी लिखी है और बीते दौर में ‘सूरजमुखी’ और ‘मालकिन’ समेत कुछेक फिल्मों का निर्देशन भी किया है, लेकिन पहले कभी गाने नहीं लिखे थे।
वे इस एलबम के लिए गाने लिखने को इसलिए तैयार हो गए क्योंकि इसकी बिक्री से होने वाली आय मुंबई में स्थित ‘निर्मला’ (जो मुंबई के रेडलाइट एरिया में रहने वाली लड़कियों के लिए काम करती है) और ‘बेटी’ जैसी चैरिटेबल संस्थाओं को जाएगी। ओपी ने पिछली बार तीन साल पहले जेपी दत्ता की अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय स्टारर फिल्म ‘उमराव जान’ की कहानी लिखी थी।
इस एलबम के बारे में सोनाली का कहना है, ‘ओपी दत्ता इस बात से बेहद खुश हैं कि उनकी रचनाएं श्रोताओं तक पहुंच रही हैं। उन्होंने इसके लिए एक भी पैसा नहीं लिया है। दरअसल उन्होंने अपने फायदे के लिए नहीं लिखा। वे यह जानकर खुश हुए कि इस एलबम की बिक्री से आने वाला पैसा चैरिटेबल संस्थाओं को जाएगा। यही वजह है कि वे इस काम के लिए तैयार हो गए और हमने भी इसीलिए इसमें अपनी आवाज दी है। हमने भी गाने के लिए एक भी पैसा नहीं लिया है।’