बतौर अभिनेत्री दर्शकों में अपना ख़ास मुक़ाम बना चुकी प्रियंका चोपड़ा अब बॉलीवुड के शिगूफ़ों से बेचैन नहीं होतीं। साल के बाक़ी व़क्त में वे कुछ नया करके अपने प्रशंसकों की जमात बढ़ाना चाहती हैं..
आशुतोष गोवारीकर की फिल्म ‘व्हाट्स योर राशि’ प्रियंका की प्रदर्शित होने वाली अगली फिल्म होगी, जिसमें हरमन बावेजा उनके अपोजिट हैं। विश्व सुंदरी के खिताब से पिछली कामयाब फिल्म ‘फैशन’ तक प्रियंका चोपड़ा ने ज़िंदगी के कई रंग देखे हैं। प्रस्तुत हैं, हाल ही में उनसे हुई बातचीत के ख़ास अंश-
* आपने पिछले महीने ही अपना जन्मदिन (18 जुलाई) मनाया है, यह दिन आपके लिए अब क्या मायने रखता है?
एक अन्य दिन ही है यह मेरे लिए। नेचुरल-सी बात है। जन्मदिन पर ही मैं कुछ प्लान नहीं करती हूं। दरअसल, देखा जाए तो मैं दो ह़फ्ते से ज्यादा सोच ही नहीं पाती हूं। हां, जैसे-जैसे जीवन के अनुभव बढ़ रहे हैं, मैं इस वर्ष कुछ नया करना चाहूंगी और अपने लिए कुछ और नए प्रशंसक जोड़ूंगी। एक जो बात मैं इन दिनों सोच रही हूं वह अपने छुट्टी की है। ‘कमीने’ और ‘व्हाट्स योर राशि’ की रिलीज़ के बीच के समय में मैं कुछ दिनों की छुट्टी पर जाना चाहती हूं। मैंने अपने कैरियर की शुरुआत में एक दिन में 20-20 घंटे काम किया है, इसलिए अब सोचती हूं कि थोड़ा आराम फ़रमाऊं।
* आप विदेशों में जो शूटिंग करने जाती हैं, वह घूमना-फिरना कैसा रहता है?
यह मेरे या हम सब कलाकारों के साथ ट्रेजडी होती है। हम विदेशों की ख़ास-ख़ास जगहों पर जाते हैं, शूटिंग करते हैं और रात में होटल वापस आकर सो जाते हैं। फ़ुर्सत में कोई जगह घूम नहीं पाते हैं। ऐसा घूमना या छुट्टी बिताना कैसे आनंददायक होगा..?
* इतने वर्षो तक फिल्म इंडस्ट्री में व़क्त गुज़ारने के बाद प्रियंका अपने आपको कितनी बदली हुई पाती हैं?
इंडस्ट्री की ज़रूरतों के हिसाब से काफ़ी बदली हूं, पर मैं अब भी वही मिडिल क्लास लड़की हूं, जिसके पापा इंडियन आर्मी में सरकारी नौकरीपेशा थे। मैं न तो फिल्मी बैकग्राउंड से हूं और न ही थिएटर बैकग्राउंड से, इसलिए शुरुआत के एक-दो सालों तक तो मैं ज्यादा समझ नहीं पाती थी। जो स्क्रिप्ट, जो कॉस्ट्यूम, जो बातें मुझे कही जाती थीं मैं चुपचाप कर लेती थी। आज मैं अपनी उन पुरानी फिल्मों को देखती हूं, उनके डायलॉग सुनती हूं, तो सोचती हूं कि हाय.. मैंने ऐसा क्यों किया था..?
* जब आपके बारे में अफ़वाहें या कुछ उल्टी- सीधी बातें छपती हैं, तो उन्हें किस तरह लेती हैं?
इन बातों को लेकर मैं सिर्फ़ अपने परिवार वालों की परवाह करती हूं कि उन्हें कोई दुख नहीं पहुंचना चाहिए। मेरी यह भावना मेरे परिवार और नाते-रिश्तेदार सब जानते हैं। जब भी ऐसी कोई बात छपती है, तो मेरी चाची-मांसी वग़ैरह फ़ोन पर यही पूछती हैं कि बेटा तुम कैसी हो? ठीक तो हो न। वे न तो मुझसे कोई सफ़ाई मांगती हैं और न ही मैं कोई सफ़ाई देती हूं। वे सब मुझ पर इतना विश्वास करती हैं, तो मैं परिवार के साथ अपनी गरिमा और इज्जत बनाए रखती हूं।
* और जो किसी हीरो से लिंक-अप की बातें होती हैं?
मैं इससे इंकार नहीं करती हूं। मेरा भी किसी अपोजिट सेक्स के प्रति आकर्षण रहा है। मैं भी एक आम इंसान हूं। ईश्वर ने मुझे भी सभी संवेदनाएं दी हैं। सभी अन्य युवतियों की तरह मैं भी सोचती-समझती हूं। शाहिद और हरमन से पहले और भी कई लोगों से मेरा नाम जोड़ा गया। यह हमारी फिल्म इंडस्ट्री का चलन बना दिया गया है कि जिन हीरो-हीरोइन की फिल्में आने वाली हों, उनके आपसी संबंध की ख़बर उड़ा दो। मुझे लगता है कि यह आपस की सलाह-मशविरे की ख़बरें या अफ़वाहें होती हैं, जिनमें मुझे कभी कोई रुचि नहीं रही।
* इंडस्ट्री में आपकी कुछ फ्रेंड्स तो होंगी, जिनके साथ अपनी बातें शेयर करती हैं या फिल्में वग़ैरह देखती होंगी?
एक समय इंडस्ट्री में मेरी ऐसी कई फ्रेंड्स थीं, जिनके साथ मैंने काफ़ी बातें शेयर कीं और फिल्में भी देखीं, पर अब ऐसी कोई एक्ट्रेस फ्रेंड नहीं हैं। मेरी जो आज फ्रेंड्स हैं, वे सब इंडस्ट्री के बाहर की हैं। मेरी बेस्ट फ्रेंड इन दिनों दिल्ली में रहती हैं। वह कक्षा चौथी से मेरी फ्रेंड है और अब उसकी शादी होने वाली है।
* फिल्म ‘व्हाट्स योर राशि’ में आपका क्या रोल है?
इसमें मैं 12 अलग-अलग रोल कर रही हूं। हर भूमिका अलग बैकग्राउंड से है, इसलिए इन्हें करना मेरे लिए कठिन था। क्योंकि हर करेक्टर को अलग-अलग समझकर अलग-अलग करना था, यह मेरे लिए काफ़ी चैलेंजिग रहा।
* अच्छा, आपके लिए मि. राइट की क्या परिभाषा है?
जो मुझे हंसा सके। मैं कहीं भी बैठकर एंजॉय कर सकती हूं। मुझे कहीं ख़ास तौर पर उसके लिए जाने की ज़रूरत नहीं है। वह एक सिंपल लिविंग वाला बंदा भी हो सकता है।