चलें चित्रकूट धाम की ओर
भास्कर.कॉम Tuesday, August 25, 2009 14:17 [IST]  

chitraदेश के पर्यटन स्थलों में चित्रकूट का एक अहम् स्थान है। विन्ध्य श्रंखला के उत्तरी अंचल में छोटी-छोटी पहाडियों के बीच बसा चित्रकूट धाम अपने आप में अनोखा है। झरने, नदियाँ, हरियाली, पहाडियां आदि सभी तत्त्व मिलकर इसे प्राकृतिक सुषमा का अन्यतम बिंदु बना देते हैं। साथ ही इसके साथ जुड़े धार्मिक विश्वास चित्रकूट को एक पवित्र अनुभूति भी प्रदान करते हैं। इसी जगह पर मान्यताओं के अनुसार राम ने अपने बनवास के 14 में से 11 वर्ष बिठाये थे,और ये स्थान आज भी पर्यटकों को बहुत लुभाता है। यहाँ कई दर्शनीय जगह हैं -



रामघाट-



चित्रकूट में पवित्र मन्दाकिनी नदी के रामघाट का बहुत महत्त्व है। इस जगह को भगवान् राम से सम्बद्ध बताया जाता है और आज भी ये जगह चित्रकूट के धार्मिक अनुष्ठानों का प्रमुख केंद्र हैं। यहाँ नौका विहार के लिए यहाँ किराए पर नावें भी मिल जाती हैं।



कामदगिरी-



यह चित्रकूट का एक अन्य प्रमुख धार्मिक केंद्र है। इस जगह पर पहाडियों और जंगलो के बीच कई मंदिर हैं जिनमे भरत मिलाप मंदिर सबसे ज्यादा अहम् है। ऐसा माना जाता है की भरत का राम से मिलन यहीं हुआ था।



सती अनुसूया-



सती अनुसूया पहाडियों की ऊंचाई पर बसा एक खूबसूरत स्थान है जो पक्षियों के कलरव से हमेशा गुंजायमान रहता है। ऐसा माना जाता है की इसी स्थान पर मुनि अत्री और उनकी पत्नी अनुसूया का आश्रम था।



स्फटिक शिला-



घने जंगलों के बीच स्थित ये वो स्थान है जहाँ आज भी भगवान् श्रीराम के पैरों के निशान देखे जा सकते हैं. यहाँ कई मंदिर हैं । ऐसा माना जाता है की यहीं सीता के पैर में जयंत ने चोंच मार दी थी।



जानकीकुंड और हनुमानधारा-



जानकीकुंड रामघाट से आगे एक अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य वाला स्थल है. जबकि हनुमानधारा वह जगह है जहाँ हनुमान ने लंका में आग लगाने के बाद उस आग को शांत किया था।



भरतकूप-



भरत कूप में भरत ने संपूर्ण भारत के तीर्थ स्थलों से जल लाकर संचयित किया था। ये जगह मुख्य चित्रकूट स्थल से कुछ ही दूरी पर है।



कैसे पहुचे-



अक्टूबर से मार्च चित्रकूट घूमने के लिए सबसे अच्छा समय है। वैसे यहाँ साल भर भीड़ रहती है. नजदीकी हवाई अड्डा खजुराहो है जो की 175 किमी दूर है । जबकि चित्रकूटधाम रेलवे स्टेशन झाँसी मानिकपुर रूट पर स्थित है। इसके अलावा चित्रकूट के लिए झाँसी महोबा, सतना आदि से बस सेवा भी उपलब्ध है। चित्रकूट में ठहरने की भी समुचित व्यवस्था हो जाती है।

Bookmark and Share


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: