क्या आप पर्याप्त नींद लेते हैं ? यदि नहीं तो आप अकेले नहीं हैं। हाल ही में हुए एक अध्ययन के अनुसार लगभग 46 प्रतिशत भारतीय 6 घंटे से कम सोते हैं । काम का बोझ, सामजिक जिम्मेदारियां और बच्चों की चिंता के बीच सोने के लिए वाकई बहुत कम समय बचता है ।
जबकि एक वयस्क व्यक्ति को अच्छे प्रदर्शन के लिए कम से कम 8 घंटे सोना ही चाहिए। बच्चो को तो और ज्यादा नींद लेने की ज़रूरत है। कम नींद लेने से आप सरदर्द , थकान, तनाव आदि बीमारियों के शिकार हो सकते हैं।
अनिद्रा की बीमारी में नींद न आने के अलावा सोते समय अचानक जग जाना और वापस सो न पाना, जल्दी उठ जाना और गहरी नींद न आना शामिल हैं. कामकाजी महिलाओं को तो अनिद्रा की शिकायत और भी ज्यादा रहती है । हम एक बड़ी मात्र तक अपनी नींद को गुणकारी और नियंत्रित बना सकते हैं । जिससे हमारा ,मस्तिष्क बेहतर ढंग से काम कर सके ।
आपकी नींद बहुत हद तक आपके आहार पर भी निर्भर है। कुछ आहार आपके स्नायु तंत्र को शिथिल करके आपको नींद की ओर ले जाते हैं और कुछ आपकी नींद को दूर भी भगा सकते हैं .
नींद लाने वाले तत्वों को स्लीपर कहते हैं जिनमे ट्रिपतोफैन,होता है जो की सेरोटोनिन और मेलोतोनिन का निर्माण करके हमें नींद की अनुभूति कराता है . इस तरह ज्यादा ट्रिपतोफैन वाले पदार्थ अच्छी नींद के लिए ज़रूरी हैं । जो की हमें अधिकतर कर्बोहाइद्रेत वाले आहर में मिलता है ।
इसके अलावा डेरी पदार्थ जैसे पनीर, दूध आदि भी अच्छी नींद लाते हैं । इसी कारण रात में सोते समय दूध की सलाह दी जाती है । क्यूंकि कैल्शियम भी नींद के लिए उत्प्रेरक की तरह काम करता है । इसके विपरीत चाय आदि नींद को दूर भागते हैं।